राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर मचे घमासान के बीच दिल्ली दौरे पर गईं मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होने वाली बैठक को लेकर बंगाल में सियासत तेज है। मुलाकात से पहले कांग्रेस व माकपा ने जहां इसे मोदी-ममता के बीच मैच फिक्सिंग बताया है, तो दूसरी ओर इस विवाद में भाजपा के वरिष्ठ नेता व मेघायल के पूर्व राज्यपाल तथागत राय भी कूद पड़े हैं।

राय ने सवाल उठाते हुए शुक्रवार को पीएम मोदी से लोगों को यह समझाने के लिए कहा कि उनके और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच किसी तरह की कोई सेटिंग नहीं है। विभिन्न मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाले राय ने ट्विटर पर लिखा, कोलकाता सेटिंग की आशंका से त्रस्त है, यानी मोदीजी और ममता के बीच एक गुप्त समझौता है, जिससे तृणमूल के चोर और/या भाजपा कार्यकर्ताओं के हत्यारे छूट जाएंगे। कृपया हमें आश्वस्त करें कि ऐसी कोई सेटिंग नहीं होगी। इस ट्वीट को उन्होंने पीएम मोदी और पीएमओ को भी टैग किया है।

बताते चलें कि बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथागत राय विभिन्न मुद्दों पर ट्विटर के जरिए बेबाक राय रखने के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। राय आए दिन बंगाल में प्रदेश भाजपा नेतृत्व पर भी सवाल उठाते रहे हैं। बता दें कि शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर इस समय विपक्ष के निशाने पर चल रहीं ममता के पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले कांग्रेस व माकपा ने भी उनपर शुक्रवार को जबरदस्त निशाना साधा और इसे मैच फिक्सिंग का हिस्सा बताया।

दोनों दलों ने आरोप लगाया है कि भर्ती घोटाले से लेकर मवेशी व कोयला तस्करी मामले में टीएमसी के टाप लीडर्स के खिलाफ सीबीआइ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही कार्रवाई के बीच ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा मैच फिक्सिंग का हिस्सा है। बंगाल कांग्रेस के प्रवक्ता रिट्जू घोषाल ने आरोप लगाया, ये मैच फिक्सिंग साल 2016 के बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद से ही जारी है। वहीं, कांग्रेस के सुर में सुर मिलाते हुए माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने भी कहा, ये मुलाकात (पीएम मोदी और ममता बनर्जी) मैच फिक्सिंग का हिस्सा है, जो सालों से चला आ रहा है। जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता है। बता दें कि इससे पहले राज्य में माकपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने भी गुरुवार को कहा था कि जब भी ममता बनर्जी पर मुसीबत आती है तो बचाव के लिए वह नरेन्द्र मोदी के दरबार में हाजिरी लगाने दिल्ली पहुंच जाती हैं।

टीएमसी ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर, टीएमसी के राज्य महासचिव व प्रवक्ता कुणाल घोष ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा कि यह सब मुख्यमंत्री को बदनाम करने की नाकाम कोशिशें हैं। इसी तरह तृणमूल के राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय प्रवक्ता सुखेंदु शेखर राय ने भी कहा कि ये बेबुनियाद आरोप हैं जो हमारे विरोधी लगाते रहते हैं। 

Edited By: Priti Jha