कोलकाता को फिर से बनाएंगे देश का बड़ा आर्थिक केंद्र, वित्त मंत्री बोले- निवेशकों के लिए बदलेंगे पुराने कानून
बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कोलकाता को प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाने के लिए निवेश और नीतिगत सुधारों पर ...और पढ़ें
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क्या फिर लौटेगी कोलकाता की खोई प्रतिष्ठा? (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल के वित्त मंत्री डा. स्वपन दासगुप्ता ने कोलकाता को फिर से देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निवेश और नीतिगत सुधारों पर जोर दिया है। उन्होंने शुक्रवार को निवेशकों और रियल एस्टेट क्षेत्र से कोलकाता में नए अवसर तलाशने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शहर की विकास क्षमता को खोलने के लिए पुराने कानूनी प्रावधानों और नियामकीय व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सुधारों की दिशा में आगे बढ़ेगी, जिससे कारोबार, उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सके।
कोलकाता में पहली बार आयोजित क्रेडाई नैटकान 2026 के तीन दिवसीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में करीब 1,200 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दासगुप्ता ने शहर की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब पांच दशकों में कोलकाता अन्य प्रमुख शहरी केंद्रों के मुकाबले आर्थिक विकास की दौड़ में पीछे रह गया है। अब केंद्रित प्रयासों, नीतिगत बदलाव और नए निवेश के जरिये शहर को फिर से प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की जरूरत है।
वित्त मंत्री ने कहा कि विकास की राह में पुराने कानूनी प्रावधान भी अड़चन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने 1970 के दशक के कानूनों का उल्लेख करते हुए शहरी भूमि (सीमा एवं विनियमन) अधिनियम की समीक्षा की आवश्यकता बताई।
उनके अनुसार, मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और विकास की जरूरतों के अनुरूप नियामकीय ढांचे को तैयार करना जरूरी है। इससे शहरी विकास को गति देने के साथ उद्योग और कारोबार के विस्तार के लिए बेहतर वातावरण बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि कोलकाता को आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग और रियल एस्टेट क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत स्तर पर जरूरी बदलाव किए जाने चाहिए।
युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने से रोकने पर जोर
दासगुप्ता ने विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और तकनीक क्षेत्र को मजबूत करने को कोलकाता के आर्थिक पुनरुत्थान का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि अधिक औद्योगिक गतिविधियां, तकनीक आधारित विकास और शहरी ढांचे में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा प्रतिभाशाली युवाओं को शहर में बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कोलकाता की पहचान केवल अपनी पुरानी यादों और सांस्कृतिक विरासत के लिए नहीं होनी चाहिए। इसे अवसरों के शहर के रूप में भी स्थापित करना होगा। उनका लक्ष्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां युवा शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने के बजाय कोलकाता में ही अपना भविष्य बना सकें।
उन्होंने निवेशकों और कारोबारियों से शहर की संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा और कारोबार के विस्तार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना आर्थिक पुनरुत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
तीन दिवसीय क्रेडाई नैटकान 2026 में देशभर से करीब 1,200 प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। सम्मेलन में रियल एस्टेट, शहरी विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।
