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CM शुभेंदु बोले ममता की चोट झूठी, वकील ने अस्पतालों-स्वास्थ्य विभाग को भेजा नोटिस

Published: Mon, 05 Oct 2026 08:50 PM (IST)

ममता बनर्जी के वकील ने शुभेंदु अधिकारी द्वारा उनकी 2021 की चोट के मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक करने पर एसएसकेएम और बांगुर इंस्टीट्यूट को कानूनी नोटिस भेजा है।

CM शुभेंदु बोले ममता की चोट झूठी। (फाइल)

CM शुभेंदु बोले ममता की चोट झूठी। (फाइल)

HighLights

  1. ममता के वकील ने अस्पतालों को कानूनी नोटिस भेजा।

  2. शुभेंदु ने 2021 की चोट को झूठा बताया था।

  3. मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक करने पर आपत्ति जताई गई।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा उनकी 2021 विधानसभा चुनाव की चोट की जानकारी सार्वजनिक करने के बाद, सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल और बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइंसेज को सोमवार को कानूनी नोटिस भेजकर आरोप लगाया कि उनके चिकित्सा रिकॉर्ड उनकी अनुमति के बिना सार्वजनिक किए गए।

स्वास्थ्य विभाग के एक सूत्र ने यह जानकारी दी। शुभेंदु ने दावा किया है कि ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर में चोट लगने का झूठा दावा किया था।

उन्होंने पिछले सप्ताह एक संवाददाता सम्मेलन में दस्तावेज दिखाया था और दावा किया था कि यह बांगर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के रेडियो डायग्नोसिस विभाग की 11 मार्च, 2021 की रिपोर्ट है, जिसमें फ्रैक्चर का कोई प्रमाण नहीं मिला था।

अधिकारी ने कहा था कि राज्य सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने के ‘झूठे दावों’ की नई जांच शुरू करेगी। इसके बाद ममता के वकील अरका नाग ने ईमेल के जरिए एसएसकेएम के निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक तथा बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के न्यूरोलाजी विभाग के प्रमुख को नोटिस भेजा।

नोटिस में तीन अक्टूबर को अधिकारी द्वारा दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भले ही चिकित्सा रिकॉर्ड राज्य सरकार या किसी जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत हासिल किए हों, लेकिन इससे उन्हें सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं मिल जाती।

ममता के पैर में 2021 चुनाव के दौरान लगी थी चोट

नोटिस में यह भी पूछा गया है कि क्या रिपोर्ट किसी अदालत के आदेश के तहत सार्वजनिक की गईं और यदि ऐसा नहीं है, तो दस्तावेज उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। नोटिस में यह स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि सार्वजनिक की गई रिपोर्ट मूल चिकित्सा रिकॉर्ड थीं या नहीं।

यह मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई उस घटना से जुड़ा है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार बनर्जी को चुनाव प्रचार के दौरान बिरुलिया बाजार के पास चोट लगी थी।

इसके बाद बनर्जी ने व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार किया था और उनकी चोट की प्रकृति एवं उसकी गंभीरता चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई थी। जिस दिन चुनाव नतीजे आए थे तो बनर्जी को पैदल चलते हुए देखा गया था।