'75 वर्ष की उम्र में ममता बनर्जी को अब आराम करना चाहिए', सीएम शुभेंदु ने दी अगला चुनाव न लड़ने की सलाह
बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 75 वर्ष की उम्र में अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने और आराम करने की सलाह दी है।


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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उम्र और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तंज कसते हुए उन्हें अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने और आराम करने की सलाह दी।
हाल में राज्य की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में नंदीग्राम और रेजीनगर से नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों हासिरानी रथ और शखारभ सरकार के विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह के बाद सदन में अपने संबोधन में शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी की उम्र अब करीब 75 वर्ष हो गई है और उन्हें आराम करना चाहिए।
शुभेंदु ने नंदीग्राम के लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वहां के लोगों ने उनसे कोलकाता की भवानीपुर सीट छोड़ने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यदि वह भवानीपुर सीट छोड़ देते, तो ममता बनर्जी को फिर से वहां चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता था। इसलिए उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था।
ममता मुझसे दो बार हार चुकीं
शुभेंदु ने तंज कसते हुए कहा कि उनसे दो बार हार चुकीं ममता बनर्जी को अब इस उम्र में चुनावी मैदान में उतरने के बजाय आराम करना चाहिए। बताते चलें कि इस साल अप्रैल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने दो सीटों- अपने गृह जिले पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम और कोलकाता के भवानीपुर से जीत दर्ज की थी।
भवानीपुर में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। जो ममता की परंपरागत व उनकी घर की सीट है। इसके बाद शुभेंदु ने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए बाद में नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया था। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ ने जीत दर्ज की।
वह शुभेंदु के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद छह मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुभेंदु ने इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में अपनी परंपरागत नंदीग्राम सीट से ममता को करीबी मुकाबले में 1,956 वोटों के अंतर से पहली बार हराया था।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पहले चुनाव के दौरान मीडिया और टेलीविजन पर जिस तरह हिंसा की घटनाएं सामने आती थीं, अब वैसी घटनाएं नहीं हो रही हैं।
