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'विद्यार्थियों को तिलचट्टे और खटमल जैसे दुर्गुणों से बचाना जरूरी', CM शुभेंदु का बड़ा बयान

Published: Sun, 25 Oct 2026 09:25 PM (IST)

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रवाद जगाने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम का सुझाव दिया और पिछली सरकारों पर विरासत मिटाने का आरोप लगाया।

विद्यार्थियों को तिलचट्टे जैसे दुर्गुणों के प्रभाव से दूर रखना जरूरी- शुभेंदु (फाइल फोटो)

विद्यार्थियों को तिलचट्टे जैसे दुर्गुणों के प्रभाव से दूर रखना जरूरी- शुभेंदु (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रवाद हेतु तीन दिवसीय कार्यक्रम का सुझाव।

  2. पिछली सरकारों पर विरासत और संस्कृति मिटाने का आरोप।

  3. बंगाल में नई शिक्षा नीति लागू होगी, मोबाइल पर प्रतिबंध।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को विद्यार्थियों में राष्ट्रवाद की भावना विकसित करने के लिए शिक्षण संस्थानों में हर साल तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। इसमें भाषण, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।

इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर परोक्ष कटाक्ष करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को तिलचट्टे, खटमल और देश को बांटने वाली ताकतों जैसे दुर्गुणों के प्रभाव से दूर रखना जरूरी है।

अपने गृह जिले पूर्व मेदिनीपुर के रामनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की तरह फैलने की कोशिश करने वाली ऐसी बुराइयों को रोकने के लिए सख्ती जरूरी है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि ये बुराइयां फैलने की कोशिश नहीं करतीं, तो उन्हें खत्म करने के लिए ‘हिट’ जैसे कीटनाशक स्प्रे की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्यमंत्री ने वामपंथी दलों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 साल के शासन पर भी निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि 34 वर्षों के वामपंथी शासन और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने लोगों की विरासत और संस्कृति को मिटाने की कोशिश की। उन्होंने पिछली सरकार पर राज्य के शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में विद्यार्थियों के नामांकन को हतोत्साहित करने और इसके स्थान पर ‘जय हिंद वाहिनी’ शुरू करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीसी से जुड़ने पर विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में चयन में मदद मिल सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार के दौरान स्कूली इतिहास की पुस्तकों में उन लोगों की प्रशंसा की गई, जिन्होंने सिंगूर से टाटा मोटर्स की परियोजना को हटाने में भूमिका निभाई थी।

उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन की ओर था। शुभेंदु ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से पाठ्यक्रम में बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने की भी घोषणा की।

12वीं तक मोबाइल इस्तेमाल के खिलाफ मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना है।

पिछली सरकार 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 10,000 रुपये देती थी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बंगाल में ऐसी किसी भी साहित्यिक सामग्री की अनुमति नहीं देगी, जो भारत-विरोधी हो, सनातन परंपरा के खिलाफ हो या किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हो।

वामपंथी दलों की ओर से दुर्गापूजा के दौरान हर साल की तरह विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पुस्तक स्टालों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनता इस तरह की कोशिशों को खारिज कर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने ये बातें कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ में जान गंवाने वाली पूर्व मेदिनीपुर के रामनगर निवासी कल्पना जाना के परिवार से मुलाकात और उन्हें सरकारी सहायता राशि का चेक सौंपने के बात कहीं।