जागरण संवाददाता, हावड़ा : दुर्गापूजा से पहले बाली इलाके के निश्चिंदा स्थित गिरिराज ग्लास इंडस्ट्रीज नामक कारखाने के बंद होने से सैकड़ों श्रमिकों के समक्ष बेरोजगारी की समस्या आन पड़ी है। शनिवार सुबह श्रमिक जब काम करने कारखाना पहुंचे तो उन्हें वहां कार्य स्थगन का नोटिस लगा मिला। नोटिस देखकर श्रमिकों में नाराजगी व्याप्त हो गई। वे कारखाने के गेट के सामने विरोध-प्रदर्शन करने लगे। कारखाना खोलने की माग पर घटों उन्होंने प्रदर्शन किया। बाली स्थित इस कारखाने में दवाइयों और इत्र की बोतलें मूल रूप से तैयार होती हैं। कारखाने में लगभग 350 श्रमिक काम करते हैं। श्रमिकों का कहना है कि शुक्रवार को रात की पाली में 10 बजे से सुबह 6 बजे तक काम हुआ। शनिवार को सुबह की पाली में काम करने कारखाना पहुंचने पर उन्हें पता चला कि कारखाने में तालाबंदी हो गई है। नोटिस जारी कर प्रबंधन ने इसकी आधिकारिक सूचना दी है। इसके बाद नाराज श्रमिकों ने कारखाने के गेट के प्रदर्शन किया और कारखाना फिर से खोलने की मांग की। श्रमिकों का कहना है कि कारखाना ठीकठाक चल रहा था। कहीं किसी प्रकार की समस्या नहीं थी, जिससे कारखाना बंद करने की नौबत आए। बावजूद इसके, प्रबंधन ने लाभ में चल रहे इस कारखाने को एकतरफा व अचानक लिए निर्णय के तहत बंद कर दिया। श्रमिकों का आरोप है कि साजिश के तहत कारखाने को बंद किया गया है।

वेतन और प्रोडक्शन समेत अन्य कई प्रकार के बकाये का भुगतान अब तक नहीं किए जाने की बात श्रमिकों ने कही है। पूजा के ठीक पहले कारखाना बंद होने और वेतन नहीं मिलने से श्रमिकों की परेशानी बढ़ गई है।

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