नगरपालिका भर्ती घोटाले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बसु, दुर्गा पूजा तक जेल में ही रहेंगे
पूर्व मंत्री सुजीत बसु ने नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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सुजीत बसु ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
HighLights
सुजीत बसु ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
दुर्गापूजा की छुट्टियों तक जेल में ही रहना होगा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में जमानत के लिए बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बसु ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की है। हालांकि, दुर्गापूजा की छुट्टियों से पहले उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकेगी। ऐसे में फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा।
ईडी ने नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में सुजीत बसु को 11 मई को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित तौर पर अवैध तरीके से नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों की सूची में करीब 150 लोगों के नाम थे। ईडी को संदेह है कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन पूर्व मंत्री के बैंक खाते में पहुंचा था।
हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
सुजीत बसु ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए जमानत की अर्जी दाखिल की थी। कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने 13 अक्टूबर को उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जांच की मौजूदा स्थिति में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।
इससे पहले 17 अगस्त को न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। बाद में उनके मामले से अलग होने के बाद याचिका न्यायमूर्ति घोष की पीठ में आई।सुनवाई के दौरान सुजीत बसु के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि नगरपालिका भर्ती मामले की जांच पूरी हो चुकी है और इसके बावजूद उनके मुवक्किल को जेल में रखना अनुचित है। उन्होंने गिरफ्तारी को उचित ठहराने के ईडी के आधार पर भी सवाल उठाए थे।
