कोलकाता , विशाल श्रेष्ठ। कोरोना काल में ग्रामोफोन का सुनहरा दौर लौट आया है। फेसबुक पर इन दिनों बीते जमाने के बेहद दुर्लभ गीत सुनने को मिल रहे हैं। वे गीत, जो ग्रामोफोन डिस्क तक सीमित रह गए थे। समय के साथ कैसेट ने ग्रामोफोन डिस्क की जगह ले ली। उसके बाद ऑडियो सीडी का चलन शुरू हुआ, और अब तो इंटरनेट से ही ढेर सारे गाने डाउनलोड कर सुने जा सकते हैं, लेकिन ऐसे बहुत से गीत हैं, जो गूगल करने पर भी नहीं मिलेंगे।

40 साल के सुदीप्त चंद इन्हीं गीतों को अतीत से ले आए हैं। वे रोजाना अपने फेसबुक पेज पर ऐसे अनसुने गीतों को रिकॉर्ड प्लेयर पर बजाते हैं। इनमें मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोंसले सरीखे गायक-गायिकाओं के गीतों से लेकर आरडी बर्मन, हेमंत मुखर्जी और सलिल चौधरी जैसे दिग्गज संगीतकारों की धुनें शामिल हैं।

दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर इलाके के रहने वाले सुदीप्त ने कहा-'इन दिनों सोशल मीडिया सबसे व्यस्त है। हर कोई वहां किसी न किसी गतिविधि में लीन है। कोई अपनी गायकी का वीडियो अपलोड कर रहा है तो कोई अभिनय का हुनर दिखा रहा है। मैंने सोचा, क्यों न ग्रामोफोन डिस्क के दिनों को वापस लाकर लोगों को पुराने जमाने के दुर्लभ गाने सुनाए जाए।'

सुदीप्त बचपन से ही ग्रामोफोन डिस्क संग्रह करते आ रहे हैं। उनके पास करीब 500 ग्रामोफोन डिस्क हैं, जिनमें से कई बेहद दुर्लभ हैं। उन्होंने आगे कहा-'मौजूदा दौर के बहुत से संगीतप्रेमी पुराने जमाने के बेमिसाल गीत-संगीत से वाकिफ नहीं हैं। कारण, उन्हें वह कभी सुनने को ही नहीं मिला। उन्हें इन गीत-संगीत से अवगत कराने के लिए ही मैंने यह पहल की है।' सुदीप्त रोजाना फेसबुक पर लाइव आते हैं और अपने विंटेज रिकॉर्ड प्लेयर 'गैरेड' पर चुनिंदा गीत बजाते हैं। गीत सुनने फेसबुक पर काफी संख्या में संगीत प्रेमी उमड़ रहे हैं।

गायक अमित कुमार ने की सराहना

किशोर कुमार के गायक पुत्र अमित कुमार ने सुदीप्त की इस पहल की भूरि-भूरि सराहना की है। उन्होंने कहा-'कभी रिकॉर्ड प्लेयर पर बजने वाले इन गानों को आज के जमाने में फेसबुक पर सुनना वाकई बेहद सुखद है। यह मुझे उन सुनहरे दिनों की याद दिला रहा है।'

क्या-क्या है कलेक्शन में

सुदीप्त के पास हिंदी, बांग्ला, ओड़िया, मलयालम, तमिल और तेलुगु समेत विभिन्न भाषाओं के गीतों का दुर्लभ कलेक्शन है। इनमें 1953 में लता मंगेशकर का हेमंत मुखर्जी के साथ रिकॉर्ड किया गया रवींद्र संगीत, आशा भोंसले का गाया पहला बांग्ला गीत, मोहम्मद रफी की आवाज में नजरुल गीति, संगीतकार सलिल चौधरी की अनसुनी धुनें इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा एल्विस प्रेस्ले, क्लिप रिचर्ड, जॉन डेंवर, नील डायमंड जैसे पश्चिमी संगीतकारों के दुर्लभ संगीत का भी कलेक्शन है । 

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