राज्य ब्यूरो, कोलकाता। Rajya Sabha Election 2020. बंगाल से रिक्त हो रहीं राज्यसभा की पांच सीटों पर इस बार तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व दिनेश त्रिवेदी, प्रशांत किशोर (पीके), मौसम बेनजीर नूर जैसे नए चेहरों को मौका दे सकता है। पीके तृणमूल में शामिल नहीं हैं, लेकिन वे तृणमूल के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। बंगाल विधानसभा में तृणमूल की दलगत स्थिति को देखते हुए रास की चार सीटों पर उसकी जीत तय मानी जा रही है।

पांचवीं सीट पर उम्मीदवार के बारे में पार्टी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है, लेकिन इस पर माकपा-कांग्रेस या तृणमूल-कांग्रेस के साथ आने पर उनके उम्मीदवार के जीतने की संभावना है। पांच सीटों में से चार से जोगेन चौधरी, मनीष गुप्ता, अहमद हसन इमरान और केडी सिंह तृणमूल से पिछली बार राज्यसभा पहुंचे थे। पांचवीं सीट पर ऋतब्रत बनर्जी हैं, जो 2014 में माकपा उम्मीदवार के तौर पर निर्वाचित हुए थे। पार्टी ने 2017 में उन्हें निकाल दिया था।

तृणमूल सूत्रों की मानें तो मनीष गुप्ता को छोड़कर बाकी तीनों उम्मीदवारों की जगह पार्टी नए चेहरे उतार सकती है, जो 'ज्यादा सक्रिय' होंगे। तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा-'राष्ट्रीय राजनीति की परिस्थितियों को देखते हुए हमें और अधिक सक्रिय राजनेताओं और राज्यसभा सदस्यों की जरूरत है।' जिन लोगों को मौका मिल सकता है, उनमें दिनेश त्रिवेदी, पीके, मौसम बेनजीर नूर और ऋतब्रत बनर्जी के नाम हैं

दिनेश त्रिवेदी लगातार दो बार लोकसभा सांसद रहे हैं, लेकिन पिछली बार बैरकपुर से हार गए। वहीं, कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में शामिल हुईं मौसम बेनजीर नूर भी लोकसभा सांसद रही हैं। पीके तृणमूल के चुनावी रणनीतिकार हैं लेकिन वे तृणमूल के टिकट से रास जाएंगे या नहीं, यह तो वक्त बताएगा। वहीं, माकपा से निकाले जाने के बाद ऋतब्रत की तृणमूल से नजदीकियां बढ़ी हैं। ऐसे में तृणमूल उन्हें उम्मीदवार बनाती है या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी। दूसरी ओर, बंगाल माकपा अपने राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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