SRFTI में हिंसा का विरोध: छात्रों ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से सुरक्षा का आश्वासन मांगा
सत्यजित रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) के छात्र परिसर में हुई हिंसा के विरोध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से अपनी सुरक्षा का लिखित आश्वासन मांग रहे हैं।

छात्रों ने अश्विनी वैष्णव से सुरक्षा का आश्वासन मांगा। (पीटीआई)
HighLights
छात्रों ने परिसर हिंसा के विरोध में शैक्षणिक बहिष्कार किया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से सुरक्षा का लिखित आश्वासन मांगा।
कुलपति और कुलसचिव के इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। सत्यजित रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) के छात्रों ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से अपनी सुरक्षा का लिखित आश्वासन देने की मांग की है। छात्र 27 सितंबर को परिसर में हुई हिंसा के विरोध में शैक्षणिक गतिविधियों से दूरी बनाए हुए हैं।
एसआरएफटीआई छात्र संघ ने जादवपुर विश्वविद्यालय के वामपंथी झुकाव वाले छात्र संघों के साथ किसी भी रैली की योजना से इनकार किया, जहां भी अगस्त में हिंसा और परिसर में आयोजित एक सम्मेलन को लेकर विवाद देखा गया था। हालांकि एसआरएफटीआई के छात्रों ने उन लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने सुरक्षा की उनकी मांग का समर्थन किया।
गत 27 सितंबर को एसआरएफटीआई में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और आरएसएस से जुड़े संगठन ‘अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत’ के सदस्यों के बीच हिंसा भड़कने के बाद से लगातार 10वें दिन कक्षाएं स्थगित रहीं।
गत चार अक्टूबर को, ‘बंगीय हिंदू जागरण मंच’ के सदस्यों द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान परिसर में फिर से झड़प हुई। कुछ आंदोलनकारियों ने संस्थान का गेट तोड़ने की कोशिश की जिन्हें पुलिस ने रोक दिया।
एसआरएफटीआई के छात्र नचिकेत ने बताया कि वे तब तक कक्षाओं और फिल्म की शूटिंग में शामिल नहीं होंगे जब तक कि वैष्णव और कुलपति संतोष अजमेरा उनकी सुरक्षा के बारे में लिखित आश्वासन नहीं देते।
नचिकेत ने कहा कि तीन अक्टूबर को वैष्णव को एक मांग पत्र सौंपी गई थी जिसमें परिसर के फाटकों और प्रवेश बिंदुओं पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने, प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाने और मुख्य द्वार के बाहर भीड़ को इकट्ठा होने से रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की गई थी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक हम छात्रों में विश्वास बहाल करने के लिए अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं देखते हैं, तब तक हमारा शैक्षणिक बहिष्कार जारी रहेगा।
छात्र संघ कुलपति संतोष अजमेरा और कुलसचिव दीपक कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग पर भी अड़ा रहा। उसने आरोप लगाया कि वे आरएसएस से जुड़े संगठनों के हमलों, छात्रों को डराने-धमकाने और परिसर में उदार एवं प्रगतिशील माहौल को खतरे में डालने के प्रयासों को रोकने में विफल रहे हैं।
संस्थान ने पांच अक्टूबर को एक बयान में कहा था कि एसआरएफटीआई चार अक्टूबर को हुई घटनाओं को लेकर बेहद चिंतित है और अपने छात्रों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।
बयान में कहा गया कि अधिकारियों के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है। संस्थान किसी भी तरह की हिंसा, डराने-धमकाने या परिसर में गैरकानूनी तरीके से घुसने के प्रयास की कड़ी निंदा करता है। एसआरएफटीआई स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रहा है और संस्थान के अंदर तथा आसपास शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरा सहयोग दे रहा है।
