कोलकाता, जागरण संवाददाता। महानगर के साल्टलेक स्थित 220 बी.ई ब्लॉक से कृष्णा भट्टाचार्य (65) नाम की एक महिला का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। इसकी सूचना खुद मृत महिला के बेटे मोइत्रा भट्टाचार्य ने पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची विधाननगर उत्तर थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक कृष्णादेवी की मौत सात-आठ दिन पहले ही हो चुकी थी। लेकिन उनका बेटा इस बात को मानने को तैयार नहीं था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। हालांकि समय बीतने के साथ ही जब शव से गंध निकलने लगी तो खुद मृत महिला का बेटा थाना पहुंचा व पूरे घटनाक्रम से पुलिस को अगवत कराया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

इलाके वाशिदों ने बताया कि कृष्णा देवी की मौत सात दिन पहले ही हो चुकी थी। लेकिन कृष्णा के बेटे को ऐसा लग रहा था कि उसकी मां आराम कर रही है। वहीं मोइत्रा के बारे में बताते हुए लोगों ने कहा कि वो बाल्यावस्था से ही असामान्य हरकतें किया करता था और दिमागी रुप से भी थोड़ा असंतुलित है। उसके पिता व मृत महिला के पति महानगर स्थित एसएसकेएम अस्पताल में चिकित्सक थे। जब तक वे रहे परिवार अच्छे तरीके से चला। लेकिन उनके जाने के बाद से ही लगातार परिवार की मुश्किलें बढ़ते जा रही थी।

इधर, किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए मोइत्रा को बाहर निकलने से रोका जाता था और उसके लिए सारी व्यवस्थाएं घर पर मुहैया होती थी। इसके इतर, 12 दिन पहले इलाके में गोली चलने की भी सूचना रही, लेकिन गोली कहां चली इसकी जानकारी नहीं मिली थी।

पुलिस गोली चलने व मौत से जोड़े सारे पहलुओं को जोड़कर मामले की जांच में जुटी है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूछताछ के दौरान मृत महिला के बेटे ने बताया कि उसकी मां की मौत 18 दिन पहले ही हो चुकी थी। लेकिन प्राथमिक अनुमान के मुताबिक कृष्णा देवी की मौत 7-8 दिन पहले हुई है। इससे पहले साल 2015 में महानगर स्थित रॉबिन्सन स्ट्रीट स्थित पार्थ दे के मकान से ही मृत महिला के पति का जला शव बरामद हुआ था। साथ ही उसकी दीदी देवयानी का कंकाल भी मिला था। 

Posted By: Preeti jha

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