बंगाल: विपरीत दिशा में लिवर और दिल, हाई शुगर के बीच डॉक्टरों ने 3 घंटे की सर्जरी कर बचाई महिला की जान
पुरुलिया के देवेन माहतो मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने सिटस इनवर्सस टोटालिस से पीड़ित 55 वर्षीय महिला की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की।

महिला के शरीर के प्रमुख अंग सामान्य स्थिति के विपरीत थे (सांकेतिक तस्वीर)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। शरीर के लगभग सभी प्रमुख अंगों की स्थिति सामान्य से उलट होने के साथ पित्ताशय में गंभीर संक्रमण और बड़े आकार का पत्थर।
अनियंत्रित मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे जैसी चुनौतियों के बावजूद पुरुलिया के देवेन माहतो गवर्नमेंट मेडिकल कालेज व अस्पताल के चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर 55 वर्षीय महिला की जान बचाने में सफलता हासिल की।
महिला के पित्ताशय से दो सेंटीमीटर का पत्थर और मवाद निकाला गया। तीन घंटे तक चली इस सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुकी हैं। हालांकि, चिकित्सक अभी भी उनकी निगरानी कर रहे हैं।
पुरुलिया जिले के बाघमुंडी स्थित गोविंदपुर गांव की निवासी प्रमिला माझी करीब तीन महीने पहले पेट में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थीं।
जांच के दौरान पता चला कि उनके लिवर, पेट और हृदय सहित शरीर के प्रमुख अंग सामान्य स्थिति के विपरीत दिशा में हैं। चिकित्सा विज्ञान में इस दुर्लभ स्थिति को सिटस इनवर्सस टोटालिस कहा जाता है। अंगों की उलटी स्थिति के कारण बीमारी की पहचान और आपरेशन की योजना बनाना चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण था।
पित्ताशय में गंभीर संक्रमण के कारण मवाद जमा हो गया था और उसके मुहाने पर दो सेंटीमीटर का पत्थर फंसा हुआ था। मरीज की अन्य बीमारियों ने सर्जरी को और जोखिमपूर्ण बना दिया था।
शल्य चिकित्सक पवन मंडल के अनुसार, शुरुआत में बीमारी का निदान करने में परेशानी हुई। आपरेशन से पहले मेडिकल बोर्ड की बैठक हुई और उसके बाद सर्जरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार, सिटस इनवर्सस टोटालिस एक दुर्लभ स्थिति है।
