'खराब सड़कों से रोज चार घंटे का सफर', SIR ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश ने दिया इस्तीफा
कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी ने खराब सड़कों और लंबी यात्रा का हवाला देते हुए SIR ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश पद से इस्तीफा दे दिया है।

SIR ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश ने दिया इस्तीफा।
HighLights
न्यायमूर्ति इंद्रजीत चटर्जी ने SIR ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दिया।
खराब सड़कें और लंबी यात्रा (70 किमी, 4 घंटे) मुख्य कारण।
कार्यभार और कम वेतन भी इस्तीफे की वजह बताए।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। SIR ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश और कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी ने खराब सड़कों और लंबी यात्रा का हवाला देते हुए दो नवंबर से प्रभावी इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र विट्ठलराव घुगे को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।
न्यायमूर्ति चटर्जी ने बताया कि उन्होंने अप्रैल में मुर्शिदाबाद से संबंधित अपीलों की सुनवाई करने वाले ट्रिब्यूनल का न्यायाधीश पद स्वेच्छा से स्वीकार किया था। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि काम इतने लंबे समय तक चलेगा और ट्रिब्यूनल का स्थान भी नहीं बताया गया था।
साल्टलेक स्थित घर से जोका जैसे इलाके में आने-जाने में रोज करीब 70 किमी की यात्रा करनी पड़ती है। इसमें करीब चार घंटे का समय लगता है। सहकर्मी न्यायाधीशों से भी इसी तरह की शिकायतें मिलने का उल्लेख किया है। पत्र की प्रति राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीलम मीणा को भी भेजी गई है। ट्रिब्यूनल जोका स्थित एसपीएम निवास में संचालित हो रहा है।
बता दें कि इसके पहले मई 2026 कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने SIR ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दिया था, उन्होंने निजी कारण बताए थे तथा काम के अत्यधिक बोझ और अपीलों के निस्तारण में वर्षों लगने की संभावना का उल्लेख किया था। मालूम हो कि ट्रिब्यूनल में सुनवाई के लिए लगभग 37 लाख मामले लंबित हैं।
मुर्शिदाबाद की 7,47,621 अपीलें लंबित
न्यायमूर्ति चटर्जी ने पत्र में यह भी लिखा है कि सुबह ट्रिब्यूनल पहुंचने में करीब दो घंटे लगते हैं। शाम करीब पांच बजे काम खत्म करने के बाद घर पहुंचने में करीब सात बज जाता है। यह भी लिखा कि इस काम के लिए उन्हें कर कटौती के बाद प्रतिदिन 2,133 रुपये मिलते हैं।
मुर्शिदाबाद की 7,47,621 अपीलें लंबित होने के कारण उनका काम का बोझ ट्रिब्यूनल के अन्य न्यायाधीशों की तुलना में अधिक है। विकल्प रखा है कि यदि ट्रिब्यूनल का स्थान साल्टलेक स्थित उनके घर से 12 किमी के दायरे में हो तो वह अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं। साथ ही घर से काम करने की इच्छा भी जताई है।
लिखा है कि यदि 21 दिनों के भीतर निर्वाचन आयोग से कोई जवाब नहीं मिलता है तो 25 सितंबर को भेजे गए पत्र को उनका इस्तीफा माना जाए।
