कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल में 114 नगर निकायों में लंबे समय से चुनाव नहीं हुआ है। परंतु, गुरुवार को अचानक राज्य चुनाव आयोग ने सिर्फ कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के लिए चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी। जारी अधिसूचना के मुताबिक कोलकाता में 19 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। पर, इसे लेकर भाजपा को आपत्ति है। भगवा कैंप की मांग है कि सिर्फ एक नहीं बल्कि राज्य के सभी नगर निकायों में एक साथ चुनाव कराए जाएं।

यही वजह है कि इस मांग को लेकर भाजपा ने कलकत्ता हाई कोर्ट में मुकदमा भी दायर कर रखा है। जिस पर आगामी सोमवार को सुनवाई होनी है। परंतु, उससे पहले ही केएमसी के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके खिलाफ भाजपा तुरंत कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच गई। मुख्य न्यायाधीश की पीठ का इस मुद्दे पर ध्यान आकृष्ट कराया गया और कहा गया कि जब मामला विचाराधीन है तो फिर राज्य चुनाव आयोग ने अधिसूचना कैसे जारी कर दी? साथ ही पीठ से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की।

हालांकि, हाई कोर्ट ने इस पर हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए कहा कि मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी। इस विरोध पर राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पीठ से कहा कि 30 अप्रैल तक राज्य के सभी नगर निकायों में चुनाव कराने की योजना है। सिर्फ कोलकाता में चुनाव कराए जाने को लेकर महाधिवक्ता ने कहा कि हम पहले ही कह चुके हैं कि 19 दिसंबर को मतदान होगा। आज केवल चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया है। इस पर भाजपा के वकील ने कहा कि मामला कोर्ट में लंबित है, तो वे ऐसा कैसे कर सकते हैं? वोटिंग में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हम सभी नगर निकायों में चुनाव चाहते हैं। साल 2020 में सरकार ने कहा था कि वे कोविड के कारण मतदान नहीं करा पा रहे हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि बाकी नगर निकायों के चुनाव कब होंगे?

महाधिवक्ता ने कहा कि कोलकाता में मतदान कराने का पहला कारण है, यहां की अच्छी चिकित्सा सुविधाएं। बंगाल में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने भाजपा के अधिवक्ता से अपनी शिकायतों को एक हलफनामा के रूप में जमा करने को कहा और इस पर आगामी सोमवार को सुनवाई की बात कही। यह सच है कि किसी नगर निकाय में एक तो किसी में दो वर्ष हो गए, लेकिन चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में सभी निकायों में चुनाव तत्काल जरूरी है।

Edited By: Sanjay Pokhriyal