आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 31 भैंसें और 14 गायें, सिलीगुड़ी में मवेशी तस्करी का भंडाफोड़
दार्जिलिंग जिला पुलिस ने सिलीगुड़ी में मवेशी तस्करी के दो मामलों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 45 मवेशियों को ...और पढ़ें
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आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 31 भैंसें और 14 गायें
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी । दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी महकमा क्षेत्र का इलाका मवेशी तस्करी का कसरिडोर बन गया है। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मवेशियों को ट्रकों में बेरहमी से लादकर असम की ओर ले जाया जा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर दार्जिलिंग जिला पुलिस ने रविवार तड़के दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 45 मवेशियों को जब्त किया है। इनमें 31 भैंस और 14 गाय शामिल हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पहली घटना में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तड़के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में एएस 26 सी 9075 नंबर के वाहन को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए अलग-अलग उम्र के 16 छोटे आकार के भैंस बरामद किए गए।
आरोप है कि मवेशियों को चोरी-छिपे तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। चालक के पास इन मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वाहन चालक की पहचान असम के बरपेटा जिले के निवासी मकबुल अली के रूप में हुई है।
वहीं, दूसरी घटना में बिधाननगर इन्वेस्टिगेशन सेंटर की पुलिस ने मदाती टोल प्लाजा के पास एएस 01 यूसी 2046 नंबर के वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन से 15 भैंस और 14 गाय बरामद हुईं। चालक वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद सभी मवेशियों को जब्त कर चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया गया।
दार्जिलिंग जिला पुलिस के नक्सलबाड़ी के एसडीपीओ सौम्यजीत राय ने कहा कि दो अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुल 45 मवेशियों को जब्त किया गया है। संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रविवार को आरोपितों को अदालत में भी पेश किया गया।
