6 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, पत्नी बनी मुख्य गवाह
सिलीगुड़ी में 6 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी सुनील उरांव को अदालत ने 20 साल के सश्रम कारावास की ...और पढ़ें
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दोषी सुनील उरांव को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
HighLights
दोषी सुनील उरांव को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
दोषी की पत्नी लक्खी एक्का की गवाही सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई।
अदालत ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति देने का भी निर्देश दिया है।
राज्य ब्यूरो, सिलीगुड़ी। दो वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद 6 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उसके किए की सजा मिल गई। खोरीबाड़ी थाने में दर्ज मामले में बुधवार को सिलीगुड़ी महकमा के एडिशनल सेशन जज फर्स्ट कोर्ट ने दोषी सुनील उरांव को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मामले में दोषी की पत्नी द्वारा अदालत में दी गई गवाही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बताई गई है।
जानकारी मिली है कि 30 सितंबर 2024 को खोरीबाड़ी थाने में 6 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई गई थी। सुनील की पत्नी लक्खी एक्का ने एक एनजीओ की मदद से अपने पति के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार घटना से करीब दो महीने पहले सुनील हिमाचल प्रदेश में श्रमिक का काम करता था। वहां से नौकरी छोड़कर वह अपने रिश्तेदार की छह वर्षीय बेटी को यह कहकर अपने साथ घर ले आया था कि वह उसकी पढ़ाई-लिखाई और लालन-पालन करेगा।
29 सितंबर 2024 की शाम लक्खी ने गौर किया कि नाबालिग घर पर नहीं है। उसका पति भी वहां मौजूद नहीं था। खोजबीन के दौरान दोनों के कपड़े जमीन पर पड़े मिले। इसके बाद उसने सुनील को नाबालिग के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ। बाद में लक्खी ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पब्लिक प्रासिक्यूटर सुनंदा सरकार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। घटना के तीन महीने के भीतर पुलिस ने अदालत में चार्जशीट जमा कर दिया था। वर्ष 2024 से ही मामले की सुनवाई शुरू हो गई थी।
इस मामले में कुल 16 लोगों की गवाही हुई, जिसमें दोषी की पत्नी भी शामिल थी। गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को एडिशनल सेशन जज फर्स्ट कोर्ट ने सुनील उरांव को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाया। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान दोषी करीब दो वर्षों तक जेल में रहा है। अब उसे 18 वर्ष और जेल में बिताने होंगे। अदालत ने पीड़िता को क्षतिपूर्ति देने का भी निर्देश दिया है।
