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बंगाल में सत्ता बदली तो दुर्गोत्सव के मंचों पर भी बदले चेहरे, उद्घाटन से विसर्जन तक सक्रिय दिखे भाजपा नेता

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:38 PM (IST)

सिलीगुड़ी के दुर्गोत्सव आयोजनों में इस बार सत्ता परिवर्तन का असर साफ दिखा, जहां तृणमूल नेताओं की जगह भाजपा के सांसद और मंत्री प्रमुखता से सक्रिय रहे।

दुर्गोत्सव में भाजपा नेताओं की बढ़ी सक्रियता

 दुर्गोत्सव में भाजपा नेताओं की बढ़ी सक्रियता

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जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। राज्य में सत्ता परिवर्तन का असर इस बार सिलीगुड़ी के दुर्गोत्सव के आयोजनों में भी दिखाई दिया। पूजा पंडालों के उद्घाटन से लेकर महालया, सिंदूर खेला और विसर्जन तक राजनीतिक मंचों पर बदले चेहरे नजर आए। जिन आयोजनों में अब तक तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की सक्रियता प्रमुखता से दिखाई देती थी, वहां इस बार भाजपा के सांसद, मंत्री और कार्यकर्ता आगे नजर आए।

पिछले करीब 15 वर्षों से सिलीगुड़ी के सार्वजनिक आयोजनों में प्रमुखता से दिखाई देने वाले तृणमूल नेता गौतम देव इस बार इन कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। इस तरह दुर्गोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ शहर के बदले राजनीतिक परिदृश्य की झलक भी देखने को मिली।

दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों के उद्घाटन में इस बार बदलाव स्पष्ट नजर आया। दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने विभिन्न पूजा पंडालों का उद्घाटन किया। सत्ता परिवर्तन के बाद पूजा समितियों के कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं की बढ़ी भागीदारी चर्चा का विषय रही। पहली बार भाजपा नेताओं की मौजूदगी इस तरह प्रमुखता से दिखाई दी।

वहीं, पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह पूजा पंडालों का औपचारिक उद्घाटन नहीं करेंगे। हालांकि, पूजा के दौरान वह परिवार के साथ विभिन्न पंडालों में पहुंचे और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। उदयन समिति के सिंदूर खेला कार्यक्रम में भी वह पत्नी के साथ शामिल हुए। यहां उन्होंने धूमन लेकर उत्सव में भाग लिया और लोगों के साथ खुशियां साझा कीं। इस तरह औपचारिक उद्घाटन से दूरी रखने के बावजूद पूजा आयोजनों में उनकी मौजूदगी बनी रही।

महालया से रावण दहन तक भाजपा की भागीदारी

महालया के अवसर पर घाटों की व्यवस्था और आयोजन की तैयारियों में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रियता दिखाई दी। पर्यटन मंत्री शंकर घोष की मौजूदगी के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं की भागीदारी नजर आई। वहीं, विजयादशमी पर हिंदू सभ्य समाज सहित भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से रावण दहन का आयोजन किया गया।

दुर्गोत्सव के अलग-अलग कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं की मौजूदगी ने सार्वजनिक आयोजनों में आए बदलाव को रेखांकित किया। पंडालों के उद्घाटन से लेकर महालया और विजयादशमी के कार्यक्रमों तक भाजपा नेताओं की सक्रियता चर्चा में रही।

विसर्जन में पर्यटन मंत्री रहे मुख्य अतिथि

दुर्गोत्सव के समापन पर महानंदा घाट के किनारे आयोजित विसर्जन में भी बदली राजनीतिक तस्वीर दिखाई दी। इस बार पर्यटन मंत्री शंकर घोष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंच पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता प्रमुखता से नजर आए। प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पहुंची पूजा समितियों का मंच से स्वागत किया गया।

पहले इन आयोजनों में तृणमूल नेताओं की सक्रियता अधिक दिखाई देती थी, लेकिन इस बार भाजपा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी प्रमुख रही। आयोजन की जिम्मेदारी भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संभाली।