सड़क पर अतिसक्रियता को लेकर मंत्री अग्निमित्रा और शारद्वत को CM शुभेंदु की नसीहत, विभागीय काम पर ध्यान देने को कहा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक में मंत्री अग्निमित्रा पॉल और डॉ. शारद्वत मुखर्जी को सड़क पर अतिसक्रियता के बजाय विभागीय कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

मंत्री अग्निमित्रा और शारद्वत को CM शुभेंदु की नसीहत। (फाइल)
HighLights
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को सड़क पर अतिसक्रियता से बचने की सलाह दी।
अग्निमित्रा पॉल और शारद्वत मुखर्जी को विभागीय कार्य पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
कैबिनेट बैठक में भर्ती प्रक्रिया तेज करने और बजट उपयोग के निर्देश।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को नवान्न में हुई राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी को सड़क पर उतरकर अतिसक्रियता दिखाने के बजाय अपने-अपने विभाग में बैठकर काम पर ध्यान देने की सलाह दी।
सरकार के एक सूत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री ने दोनों मंत्रियों को विभागीय जिम्मेदारियों पर अधिक फोकस करने को कहा।
सूत्र के अनुसार, अग्निमित्रा पॉल की सड़क पर सक्रियता के कई वीडियो हाल के दिनों में सामने आए हैं। इनमें फुटपाथ अतिक्रमण हटाने के दौरान सब्जी विक्रेताओं और सड़क किनारे दूध गर्म कर रही महिला से बातचीत तथा बाजार में साइकिल रखने को लेकर दुकानदारों को निर्देश देने के दृश्य शामिल हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर भी उन्हें माइक के जरिए लोगों को चेतावनी देते देखा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी भी हाल में जनसंपर्क के लिए सड़क पर उतरने और विभिन्न सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने को लेकर सक्रिय रहे हैं।
बुधवार को ही विधाननगर में अपने ‘विधायक दरबार’ के दौरान उनका पड़ोसी राजारहाट- न्यूटाउन के भाजपा विधायक पीयूष कनोरिया के साथ सार्वजनिक रूप से विवाद हो गया। इसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने उन्हें भी विभागीय काम पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
विभागवार भर्ती में तेजी का निर्देश
मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागवार भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने का भी निर्देश दिया। सूत्र के अनुसार, उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग में औसतन करीब 10,000 कर्मचारियों की भर्ती कर लोगों तक सरकारी सेवाएं तेजी से पहुंचाई जाएं। उन्होंने कोलकाता पुलिस में 2,000 और राज्य पुलिस में 6,000 कर्मचारियों की भर्ती का भी उल्लेख किया।
यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को बजट आवंटन का निर्धारित योजना के अनुसार पूरा उपयोग करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का समुचित उपयोग नहीं होने पर अगले बजट में राशि के आवंटन में परेशानी हो सकती है।
