राज्य ब्यूरो, कोलकाता। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस पेगासस समेत विभिन्न मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में रोजाना मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के दो सांसद शिशिर अधिकारी व उनके पुत्र दिब्येंदु अधिकारी संसद से दूरी बनाकर चल रहे हैं। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के सभी सांसदों को मानसून सत्र के समय दिल्ली में हाजिर रहने का निर्देश दिया था, लेकिन दोनों नहीं गए।

इस बाबत पूछे जाने पर दिब्येंदु ने कहा-'मेरे माता-पिता की तबीयत ठीक नहीं है। इस कारण मैं उनकी देखभाल के लिए घर में ही हूं।' उन्होंने आगे कहा-'मैं और मेरे पिता तृणमूल में ही हैं। किसी दूसरी पार्टी में नहीं गए हैं। जाने का सवाल भी नहीं है। मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान मैं दिल्ली जाऊंगा और सत्र में हिस्सा लूंगा।' दूसरी तरफ से तृणमूल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दलबदल विरोधी कानून के तहत पिता-पुत्र की लोकसभा सदस्यता खारिज करने की मांग कर चुकी है।

कांथी सीट से सांसद शिशिर अधिकारी बंगाल विधानसभा चुनाव के समय अपने संसदीय क्षेत्र में हुई केंद्रीय गृहमंत्री व भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह की सभा में शामिल हुए थे, वही दिब्येंदु अधिकारी ने हल्दिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। तभी से कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों भाजपा में शामिल हो चुके हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर उन्होंने कुछ नहीं कहा है। गौरतलब है कि शिशिर तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारी के पिता व दिब्येंदु उनके भाई हैं। सुवेंदु वर्तमान में बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं।

तृणमूल शिशिर अधिकारी को पूर्व मेदिनीपुर जिला तृणमूल अध्यक्ष के पद से हटा चुकी है। उन्हें दीघा-शंकरपुर विकास बोर्ड के चेयरमैन पद से भी हटाया जा चुका है। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भी सोमवार को दिल्ली जा रही हैं। वहां वे पार्टी सांसदों से मिलेंगी वह मानसून सत्र पर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगी। विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद ममता पहली बार दिल्ली जा रही हैं। वहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी। 

Edited By: Priti Jha