राज्य ब्यूरो, कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (तृकां) छोड़कर भाजपा में गए कई नेताओं के घर वापसी की अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने दावा किया है कि भाजपा के करीब सात विधायक और तीन सांसद वापसी करना चाहते हैं। साथ ही, तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में 50 भाजपा विधायकों के दल के राज्यपाल से मिलने पर भी तंज कसा और कहा कि बाकी 24 विधायक कहां हैं। हालांकि भाजपा ने इस दावे का खंडन किया है कि उसके विधायक तृणमूल में वापसी करना चाहते हैं। दूसरी ओर भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में वापसी करने वाले मुकुल रॉय ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के कई नेता-विधायकों के साथ उनकी बातचीत हो रही है। मुकुल के साथ तृणमूल में वापसी करने वाले उनके पुत्र शुभ्रांशु ने एक कदम आगे बढ़कर कहा कि भाजपा के 30 विधायक संपर्क में हैं।

भाजपा बोली-दूरदराज इलाकों के विधायक नहीं पहुंच सके

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा विधायकों के राज्यपाल से मुलाकात पर तृणमूल के सवाल पर प्रदेश भाजपा के नेताओं ने कहा कि राज्यपाल के साथ यह बैठक अचानक बुलाई गई थी और इसके कारण उत्तर बंगाल के दूरदराज के इलाके से कुछ विधायक नहीं पहुंच सके। उन्होंने कुछ विधायकों के नहीं पहुंचने के पीछे कोरोना व लाकडाउन का भी तर्क दिया। दावा किया कि जो विधायक नहीं पहुंच सके उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को इस बारे में बता दिया था। बता दें, हाल में तृणमूल नेताओं ने दावा किया था कि कम से कम 35 भाजपा विधायक उसके संपर्क में हैं। हालांकि भाजपा इन दावों को खारिज करती रही है।

तृणमूल का झंडा न थामा तो नहीं मिलेगा मनरेगा में काम

तृणमूल में लौटने के लिए अब लोगों को धमकाया जा रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले के तृणमूल नेता मोदसेर हुसैन ने फरमान जारी किया है कि जो तृणमूल का झंडा फिर से नहीं थामेगा, उसे मनरेगा का 100 दिनों का काम नहीं दिया जाएगा। सोमवार को भांगड़ के कठलिया में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के दौरान मोदसेर ने कहा कि जिन लोगों ने लिफाफा लेकर वोट दिया है और अभी तक तृणमूल में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें फुरफुरा में जाकर काम करने दें, भोगली में उनके लिए कोई काम नहीं है। बता दें कि भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को हराकर फुरफुरा शरीफ पीरजादा अब्बास सिद्दीकी के भाई पीरजाजा नौशाद सिद्दीकी विधायक बने हैं। विधायक नौसाद सिद्दीकी ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी जनप्रतिनिधि के लिए वांछनीय नहीं है।

 

Edited By: Vijay Kumar