दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एसडीएफ के तीन नेता गिरफ्तार, पार्टी ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के तीन नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रदर्शन के दौरान सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के तीन नेता गिरफ्तार

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जेएनएन, गंगटोक। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के तीन नेताओं को दिल्ली प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया। एसडीएफ ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रचार-प्रसार प्रभारी अंबर राई की ओर से जारी बयान के अनुसार, गिरफ्तार नेताओं में एसडीएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, युवा प्रभारी एवं उत्तर सिक्किम संगठन प्रभारी कर्मा टाशी भूटिया, नामची जिला महासचिव एवं युवा प्रभारी रिवाज लिम्बू और सोरेंग जिला समिति के युवा प्रभारी ईजाक लिम्बू शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया और व्यवस्था के खिलाफ सीजेपी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में सिक्किम के लोगों की चिंताओं को भी उठाने के उद्देश्य से एसडीएफ ने भाग लेने का निर्णय लिया था। पार्टी का दावा है कि सिक्किम के मतदाता चुनावी प्रक्रिया, संबंधित व्यवस्था और उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को लेकर आशंकित हैं तथा चुनाव परिणामों से असंतुष्ट हैं।
एसडीएफ ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को सरकार और व्यवस्था के प्रति अपनी असहमति, असंतोष तथा विरोध शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने का अधिकार है। जंतर-मंतर जैसे निर्धारित विरोध स्थल पर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि वह वर्ष 1993 से जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष करती आ रही है। एसडीएफ ने गिरफ्तार नेताओं के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
