बिखरी चप्पलें, रोते-बिलखते लोग... तस्वीरों में दिखी कोलकाता पंडाल हादसे की भयावहता
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की शाम भगदड़ मचने से 17 लोगों की मौत हो गई और ...और पढ़ें

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 17 की मौत (फोटो-पीटीआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कोलकाता में महासप्तमी की शाम उत्तरी कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ मच जाने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद घायलों को इलाज के लिए पास के मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुआ है। मृतकों की संख्या अभी बढ़ भी सकती है। वहीं हादसे के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने घटनास्थल का दौरा भी किया।

घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, घटना के समय इलाके में तेज मूसलाधार बारिश हो रही थी। बारिश से बचने के लिए बाहर खड़े दर्शनार्थियों ने एक साथ पंडाल के भीतर शरण लेने की कोशिश की, जिससे अंदर अचानक भीड़ का भारी दबाव बन गया।
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इसी बीच खबर मिली कि धक्का-मुक्की के कारण पंडाल का ढांचा गिर गया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। भगदड़ मचते ही पंडाल की बिजली कट गई और चारों तरफ अंधेरा छा गया। बाहर निकलने के रास्ते बेहद संकरे होने के कारण लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए और कुचले जाने से कई लोगों का दम घुट गया। हालांकि, हादसा कैसे हुआ यह स्पष्ट नहीं है।

छलका पीड़ितों का दर्द
हादसे में बाल-बाल बचे लोगों और उनके परिजनों ने पूजा समिति के इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक पीड़ित के रिश्तेदार ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार काफी संकरे थे। प्रवेश द्वार पर करीब डेढ़ घंटे से लंबी कतार लगी हुई थी। बारिश के कारण लोग तेजी से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां रोशनी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था।

अंधेरे और अफरा-तफरी के बीच एक छोटी बच्ची और एक लड़का सबसे पहले नीचे गिर पड़े, जिसके बाद दर्जनों लोग उनके ऊपर चढ़ते चले गए।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है आपात स्थिति के समय मौके पर न तो पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात थे और न ही पूजा समिति के स्वयंसेवक मदद के लिए मौजूद थे। स्थिति इतनी भयावह थी कि एंबुलेंस का इंतजार किए बिना कई घायलों को स्थानीय लोगों ने बाइक पर लादकर अस्पताल पहुंचाया।

पूजा समिति ने जताया दुख
पूजा समिति के प्रमुख आयोजक विकास दास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस वक्त उनकी सबसे पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें हर संभव इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि हादसा भीड़ के बेकाबू होने से हुआ या किसी अन्य तकनीकी खराबी से, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

उधर, पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूजा आयोजकों को तुरंत पूछताछ के लिए स्थानीय थाने में तलब किया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दमकल और राहत दलों की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं।

राज्य सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18003455678) भी जारी किया है। दुर्घटना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्राप्त करने के लिए लोग इस पर संपर्क कर सकते हैं।


पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने जताया दुख
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल-चाल जाना। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर पोस्ट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई मौतों की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति देने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर स्थिति का ब्योरा लिया। उन्होंने अपने रविवार के सभी प्रस्तावित बंगाल दौरे और राजनीतिक कार्यक्रम रद कर दिए हैं। गृह मंत्री खुद अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे।
फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
