राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कभी अरबों का मालिक रहा सारधा समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन के पास आज अपनी जमानत कराने तक के रुपये नहीं हैं। सारधा चिटफंड घोटाले में सुदीप्त सेन पिछले आठ वर्षों से जेल हिरासत में है। उसके खिलाफ विभिन्न अदालतों में चार मामले चल रहे हैं, जिनमें से तीन में उसे जमानत मिल गई है। अदालत की ओर से सुदीप्त सेन को व्यक्तिगत मुचलके के तौर पर 30,000 रुपये जमा कराने को कहा गया है लेकिन उसके पास इतने रुपये नहीं हैं।

सुदीप्त सेन के अधिवक्ता ने कहा कि वे उसे 1980 से जानते हैं। उसकी पारिवारिक स्थिति बहुत खराब हो गई है। उसकी दो पत्नियां व बच्चे हैं। सभी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। सारे रिश्तेदारों ने उससे नाता तोड़ लिया है। गौरतलब है कि सुदीप्त सेन के खिलाफ सीबीआइ की तरफ से दो मामले किए गए हैं।दोनों मामले अलीपुर अदालत में विचाराधीन हैं। एक अन्य मामला बिधाननगर अदालत में चल रहा है जबकि चौथा मामला बैंकशाल कोर्ट में चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में है।

एक समय बेहद शानो-शौकत भरी रही है सुदीप्त सेन की जिंदगी

सुदीप्त सेन की जिंदगी एक समय बेहद शानोशौकत भरी रही है। वर्षों से जेल की काल कोठरी में बंद सुदीप्त सेन कभी आलीशान बंगले में रहते थे। उनके पास कई महंगी गाड़ियां थीं। महंगे कपड़े और घड़ियां पहनने का उन्हें शौक था। वे विदेशी परफ्यूम का इस्तेमाल करते थे। दर्जनों नौकर उनकी सेवा में लगे रहते थे। उन्होंने सारधा ग्रुप के तहत खोली गई अपनी विभिन्न कंपनियों में मोटी तनख्वाह पर लोगों को रखा हुआ था। वे अक्सर अपने दोस्तों को शानदार पार्टियां दिया करते थे। 

Edited By: Priti Jha