पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: आरोपी संतू गांगुली सरकारी गवाह बनने को तैयार, सीबीआई को लिखा पत्र
प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में आरोपित संतू गांगुली ने सीबीआई को पत्र लिखकर सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है।

पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
आरोपी संतू गांगुली ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई।
सीबीआई को पत्र लिखकर आर्थिक लेनदेन की जानकारी देने को तैयार।
अभिषेक बनर्जी के डर से पहले नहीं बता पाए थे सच।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में आरोपित संतू गांगुली सरकारी गवाह बनना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने सीबीआई को पत्र लिखकर भर्ती भ्रष्टाचार से जुड़े आर्थिक लेनदेन की पूरी जानकारी देने की इच्छा जताई है।
संतू का दावा है कि जांच के दौरान अभिषेक बनर्जी के प्रभाव और डर के कारण वह जांच अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण बातें नहीं बता सके। अब वह मामले से जुड़ी पूरी जानकारी जांच एजेंसी के सामने रखना चाहते हैं।
संतू पेशे से कारोबारी हैं और पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी माने जाते थे। प्राथमिक शिक्षक भर्ती मामले में पार्थ की गिरफ्तारी के बाद जांच के दौरान संतू का नाम सामने आया था। सीबीआई ने उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। बाद में उनके घर पर तलाशी भी ली गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। करीब एक वर्ष जेल में रहने के बाद फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं।
जमानत पर रिहा होने के बाद ही उन्होंने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताते हुए जांच एजेंसी को पत्र भेजा है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को लिखे पत्र में संतू ने दावा किया है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में नौकरी दिलाने के बदले उनसे और मामले के अन्य आरोपित कुंतल घोष से पांच करोड़ रुपये मांगे गए थे। उनका कहना है कि दोनों पूरी रकम जुटा नहीं सके।
संतू के अनुसार उन्होंने 22 लाख रुपये और कुंतल ने 3.28 करोड़ रुपये जुटाए। दोनों रकम मिलाकर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये दो काले बैग में रखकर न्यू अलीपुर स्थित लिप्स एंड बाउंड्स के कार्यालय ले जाया गया।
