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आरजी कर वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में संदीप घोष को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, रिहाई का रास्ता साफ

Published: Fri, 16 Oct 2026 11:25 PM (IST)

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई ...और पढ़ें

वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में संदीप घोष को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने मुकदमे की धीमी सुनवाई और लंबे समय से जेल में बंद रहने के आधार पर शुक्रवार को यह राहत दी।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का रुख किया था। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद उनकी तत्काल रिहाई की स्थिति संबंधित कानूनी औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी।

संदीप घोष दो साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं। वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई थी। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि 147 गवाहों में से अब तक केवल सात की गवाही पूरी हुई है। सुनवाई की धीमी गति और लंबी कैद को ध्यान में रखते हुए शीर्ष अदालत ने जमानत मंजूर कर दी। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

अदालत ने सरकारी धन के कथित गबन और आरोपित के प्रभावशाली होने के कारण गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई थी। संदीप ने 18 अगस्त को हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। आरजी कर में प्रशिक्षु चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या के मामले में संदीप घोष को पहले ही जमानत मिल चुकी है। हालांकि, वित्तीय भ्रष्टाचार का मामला अलग है और इसी में उनकी हिरासत जारी थी।

वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद सीबीआई ने संदीप घोष को गिरफ्तार किया था। बाद में ईडी ने भी मामले की जांच की। ईडी का आरोप है कि अस्पताल के खाते से ठेकेदारों के खातों में भेजी गई बड़ी रकम को कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया में ठेकेदारों के करीबी सहयोगियों के नाम पर चेक जारी किए गए और रकम निकालने या दूसरी कंपनियों के जरिये स्थानांतरित करने का आरोप है। ईडी ने फरवरी में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। हालांकि, ईडी ने संदीप घोष को इस मामले में अलग से गिरफ्तार नहीं किया था।