यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शराब की कीमतों में कमी को लेकर बंगाल विस में हंगामा, भाजपा का वाकआउट
राज्य सरकार शराब की कीमतों में कमी कर युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश कर रही सुवेंदु। ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल विधानसभा (विस) में बुधवार को शराब की कीमतों में कमी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मुख्य विरोधी दल भाजपा के विधायकों ने सदन से वाकआउट किया। विपक्षी दलों ने पेट्रो उत्पादों पर करों की अनदेखी कर शराब पर शुल्क में कमी सहित कई मुद्दों को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किए थे। विस अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया जिसके बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट किया।
... लेकिन सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कमी नहीं की है
स्थगन प्रस्तावों में से एक को पढ़ते हुए आसनसोल दक्षिण से भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य में शराब पर शुल्क कम कर दिया गया है लेकिन सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में कमी नहीं की है। सिलीगुड़ी विस सीट से भाजपा विधायक शंकर घोष ने राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। राज्य में बेरोजगारी की स्थिति को लेकर एक और प्रस्ताव पेश किया गया।
भाजपा विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आ गए बाहर
विस अध्यक्ष ने जैसे ही स्थगन प्रस्तावों को स्वीकार करने से इन्कार किया, भाजपा विधायकों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और हंगामा करते हुए सदन से बाहर निकल गए।
युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रही सरकार
नंदीग्राम से भाजपा विधायक व राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार शराब की कीमतों में 30 प्रतिशत तक की कमी कर राज्य के युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश कर रही है। यह कदम कई परिवारों को बरबाद कर देगा।
सुवेंदु अधिकारी का दावा-राज्य में बेरोजगारी की स्थिति खतरनाक
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को ईंधन पर वैट तुरंत कम करना चाहिए क्योंकि वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी की स्थिति खतरनाक है। सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित लोगों को नौकरी नहीं दे रही है
विस सत्र दौरान सभी विधायकों से सदन में उपस्थित रहने का आह्वान
विस अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सत्र चलने के दौरान सभी विधायकों से सदन में उपस्थित रहने का आह्वान किया है। बनर्जी ने कहा कि सत्र चलने के दौरान सत्ता व विरोधी, दोनों पक्षों के विधायकों की रचनात्मक भागीदारी जरुरी है। यह उनका कर्तव्य है और लोकतंत्र में यह जरुरी भी है।
अधिकांश विरोधी विधायक अनुपस्थित रहने पर जताया अफसोस
उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में विरोधी दल के अधिकांश विधायक अनुपस्थित रहे थे। विस अध्यक्ष ने पहली बार निर्वाचित हुए विधायकों से सदन चलने के दौरान सवाल पूछने की नसीहत देते हुए कहा कि यह उनके लिए सीखने की प्रक्रिया होगी। संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी सत्र चलने के दौरान विरोधी दलों के नेताओं से उपस्थित रहने का अनुरोध किया।
