'हर स्वयंसेवक साल में कम से कम एक नया स्वयंसेवक तैयार करे', RSS प्रमुख मोहन भागवत का सुझाव
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने प्रत्येक स्वयंसेवक को प्रति वर्ष एक नया स्वयंसेवक बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने संगठन ...और पढ़ें
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मोहन भागवत का बंगाल में संगठन विस्तार पर जोर (फाइल फोटो)
HighLights
मोहन भागवत ने हर स्वयंसेवक को एक नया स्वयंसेवक बनाने को कहा।
संगठन विस्तार और शाखाओं में नियमित भागीदारी पर जोर दिया गया।
बंगाल में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने प्रत्येक स्वयंसेवक को हर साल एक नया स्वयंसेवक तैयार करने का सुझाव दिया है। बर्द्धमान स्थित संघ के मध्य बंग प्रांत कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने संगठन के विस्तार और शाखाओं में नियमित भागीदारी पर जोर दिया।
भागवत गुरुवार को बर्द्धमान पहुंचे थे। उसी दिन उन्होंने पूर्व और पश्चिम बर्द्धमान के एक हजार से अधिक शाखा संचालकों के साथ चर्चा की।
संघ सूत्रों के अनुसार, उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रतिदिन शाखा में जाने और संगठन के विस्तार के लिए नए लोगों को जोड़ने का संदेश दिया। उनका सुझाव था कि प्रत्येक स्वयंसेवक साल में कम से कम एक नया स्वयंसेवक तैयार करे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार रात भागवत से मुलाकात की। इसके बाद शुक्रवार को संघ प्रमुख ने उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और मध्य बंगाल के विभागीय स्तर के करीब 150 पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन के समन्वय, विभिन्न पदाधिकारियों के अधिकार क्षेत्र और कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।
संघ सूत्रों के मुताबिक, बंगाल में शाखाओं की संख्या बढ़ने के कारण संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके तहत मौजूदा प्रांतों को छोटे संगठनात्मक हिस्सों यानी ‘संभाग’ में बांटने पर विचार हो रहा है।
संघ के एक पदाधिकारी के अनुसार, विजयादशमी पर भागवत के सार्वजनिक संबोधन में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव को लेकर संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, बंगाल में संगठन के विस्तार के मद्देनजर यहां संरचनात्मक बदलाव की प्रक्रिया में देर होने की संभावना भी जताई जा रही है।
