बंगाल में रेखा पात्र ने अपने ही जिला नेतृत्व के खिलाफ खोला मोर्चा, अशिक्षित कहकर अपमानित करने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक रेखा पात्र ने अपनी ही पार्टी के जिला नेतृत्व पर अपमानित करने और कार्यक्रमों से दूर रखने का आरोप लगाया है।

रेखा पात्र ने अपने ही जिला नेतृत्व के खिलाफ खोला मोर्चा।
HighLights
भाजपा विधायक रेखा पात्र ने जिला नेतृत्व पर अपमान का आरोप लगाया।
उन्हें 'अशिक्षित' कहकर पार्टी कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा।
निकाय चुनाव से पहले आरोपों से प्रदेश भाजपा में असहजता बढ़ी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। जमीन पर कथित कब्जे के आरोप को लेकर पिछले कुछ समय से विवादों में घिरीं बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज से भाजपा विधायक व संदेशखाली आंदोलन की चेहरा रहीं रेखा पात्र ने अब अपनी ही पार्टी के जिला नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर पार्टी के कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है और ‘अशिक्षित’ कहकर बार-बार अपमानित किया जाता है। निकाय चुनाव के पहले विधायक की ओर से जिला नेतृत्व पर लगाए गए इन आरोपों से प्रदेश भाजपा में भी असहजता बढ़ गई है।
रेखा पात्र का कहना है कि बशीरहाट संगठनात्मक जिले के नेता उनके साथ लंबे समय से उनके साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें गलत दिशा में ले जाने की कोशिश करने के साथ ही कई पार्टी कार्यक्रमों की सही जानकारी भी नहीं दी जाती। हाल में जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में चार लोगों के पार्टी में शामिल होने के संबंध में भी उन्हें पूरी तरह अंधेरे में रखा गया था।
विधायक ने कहा कि मैं पढ़ाई नहीं जानती हूं, इस बहाने मुझे बार-बार अपमानित किया जा रहा, लेकिन मैं जिला नेतृत्व पर निर्भर नहीं रहूंगी। क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए अपना काम जारी रखूंगी। हालांकि जिला नेतृत्व ने इन आरोपों से इनकार किया है।
जमीन विवाद के बाद बढ़ी अंतर्कलह
उल्लेखनीय है कि एक जमीन पर कब्जे के आरोप को लेकर रेखा पात्र पहले से ही विवादों में हैं। हालांकि हाल में बारासात में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान उन्होंने दावा किया था कि जिस जमीन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह उनके परिवार की पैतृक संपत्ति है।
उनका कहना था कि परिवार के सदस्यों की शिक्षा कम होने का फायदा उठाकर उन्हें गलत जानकारी दी गई और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए।
विधायक के ताजा आरोपों पर बशीरहाट संगठनात्मक जिला भाजपा नेतृत्व की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वहीं, विपक्ष दलों ने इसे भाजपा के भीतर बढ़ते गुटीय विवाद का प्रमाण बताते हुए निशाना साधा है।
