बंगाल में इस बार दुर्गापूजा आयोजकों की संख्या रिकार्ड 58 हजार के पार, 800 और क्लबों को मिली अनुमति
पश्चिम बंगाल में इस वर्ष दुर्गापूजा आयोजकों की संख्या रिकॉर्ड 58 हजार के पार पहुंच गई है, जिसमें 800 अतिरिक्त ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी। (फाइल)
HighLights
बंगाल में 58 हजार से अधिक दुर्गापूजा आयोजक।
800 अतिरिक्त क्लबों को मिली पूजा की अनुमति।
प्रत्येक समिति को एक लाख रुपये का अनुदान।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में मई में हुए सत्ता परिवर्तन व भाजपा की सरकार बनने के बाद इस बार दुर्गापूजा आयोजनों की संख्या भी रिकार्ड 58 हजार के पार पहुंच गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार शाम राज्य सचिवालय नवान्न सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान दावा किया कि इस वर्ष राज्य में रिकार्ड संख्या में दुर्गापूजा समितियों को आयोजन की अनुमति दी गई है।
800 क्लबों को मिली अनुमति
मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद भी 800 और क्लबों को दुर्गा पूजा आयोजित करने की मंजूरी दी गई है। इन समितियों को भी राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में एक- एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
58 हजार के पार हुई संख्या
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले चरण में राज्य की 57,400 दुर्गापूजा समितियों को अनुमति दी गई थी। इसके बाद 800 और क्लबों ने पूजा आयोजन की अनुमति के लिए आवेदन किया। समयसीमा बीत जाने के बावजूद सरकार ने इन आवेदनों को मंजूरी दे दी है। इससे इस वर्ष राज्य में दुर्गापूजा आयोजनों की कुल संख्या 58 हजार से अधिक हो गई है।
पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 13 हजार पूजा बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले वर्ष बंगाल में करीब 45 हजार दुर्गापूजा आयोजित हुई थीं। इस बार इनकी संख्या बढ़कर 58 हजार से अधिक हो गई है। उनके अनुसार, यह वृद्धि राज्य में बदलते माहौल और दुर्गोत्सव के विस्तार को दर्शाती है।
पहले की सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पहले दुर्गापूजा की अनुमति के लिए समितियों को कलकत्ता हाई कोर्ट तक जाना पड़ता था, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति सामने नहीं आई है।
