जागरण संवाददाता, कोलकाता। East West Metro. 35 साल पहले जिस शहर में देश की पहली भूमिगत मेट्रो रेल सेवा शुरू हुई थी, उसी कोलकाता को बेहद लंबी प्रतीक्षा के बाद एक और मेट्रो सेवा की सौगात मिली है। बहुप्रतीक्षित ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना के पहले चरण का गुरुवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने उद्घाटन किया, वहीं समारोह के आमंत्रण पत्र में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम नहीं होने को लेकर राज्य सरकार की तरफ से इसका बहिष्कार किया गया। समारोह में राज्य सरकार का कोई मंत्री, सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वह केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं से यहां की जनता को वंचित कर रही है। बंगाल में हम कई परियोजनाएं लाना चाहते हैं लेकिन यहां की सरकार इसे लाने नहीं दे रही। ममता सरकार नहीं चाहती कि गरीबों को इसका लाभ मिले। गोयल ने कहा कि पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना को अभी तक बंगाल में लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 15- 16 महीने पहले इस योजना के लागू होने के बाद से देश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसका लाभ उठाया है। लेकिन बंगाल सरकार इस योजना से यहां की जनता को वंचित कर रही है। उन्होंने आगे कहा-'भाजपा का मूल सिद्धांत ही विकास है। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना तेज गति से विकास के सपने को साकार करती है। पूर्वी भारत एवं उत्तर-पूर्व को विकास से वंचित रखा गया था। मोदी सरकार के साढ़े पांच साल के कार्यकाल में वहां विकास हुआ है। केंद्र की पूर्ववर्ती सरकारों ने सिर्फ वहां के लोगों को ठगा है। पूर्वी भारत के विकास के बिना भारत का विकास नहीं हो सकता।

गोयल ने कहा कि जिस योजना से गरीब को फायदा हो उसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी जिक्र करते हुए कहा कि ममता सरकार ने बंगाल के एक भी किसान को अब तक इस योजना का लाभ नहीं लेने दिया। देशभर के किसान इसका लाभ उठा रहे हैं, लेकिन मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि बंगाल के किसानों को इससे क्यों वंचित किया जा रहा है।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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