जागरण संवाददाता, कोलकाता। बंगाल में दुर्गापूजा समितियों को आयकर नोटिस जारी किए जाने की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आलोचना किए जाने पर भाजपा ने सोमवार को पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं का एक तबका चिटफंड घोटालों से अर्जित काले धन को पूजा समितियों के जरिए सफेद करने में लगा है।

ममता ने कहा था कि त्योहारों को कर के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। तृणमूल केंद्र के इस कदम के खिलाफ 13 अगस्त को महानगर में धरना देगी।

इस पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि अगर आयकर विभाग दुर्गापूजा समितियों में धन का प्रवाह संबंधी मामले को देख रहा है तो इसमें नुकसान क्या है? कुछ पूजा समितियों में तृणमूल के वरिष्ठ नेता और मंत्री अहम पदों पर हैं तथा वे इसका इस्तेमाल चिटफंड घोटालों और कट मनी से बनाए गए काले धन को सफेद करने में कर रहे हैं।

तृणमूल को भय है कि उनके इस खेल का खुलासा हो जाएगा। भाजपा नेता ने दुर्गापूजा समितियों को लेकर ममता की चिंता को घड़ियाली आंसू करार देते हुए कहा कि अगर उन्हें इन समितियों की इतनी ही चिंता है, तो उनकी सरकार ने अनेक बार राज्य में मोहर्रम के लिए दुर्गापूजा से जुड़े आयोजनों को रोकने की कोशिश क्यों की?

राहुल ने आरोप लगाया कि ममता हिंदुओं की भावनाओं का ध्यान रखने की जगह मुसलमानों के तुष्टीकरण में ज्यादा दिलचस्पी लेती हैं।

गौरतलब है कि ममता ने गत रविवार को ट्वीट कर कहा था कि आयकर विभाग ने दुर्गापूजा का आयोजन करने वाली कई समितियों को नोटिस जारी कर उन्हें कर चुकाने को कहा है। हमें अपने सभी राष्ट्रीय त्योहारों पर गर्व है। ये त्योहार सबके लिए हैं और हम नहीं चाहते कि किसी भी पूजा महोत्सव पर कर लगना चाहिए।

बंगाल की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Sachin Mishra