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Detention Centre: बिना वैध दस्तावेजों के पुरुलिया में घुसे 4 बांग्लादेशी गिरफ्तार, भेजे गए डिटेंशन सेंटर

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:48 AM (IST)

पुरुलिया पुलिस ने बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करने वाले चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। ...और पढ़ें

पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई करते हुए चाराें युवकों को बांग्लादेश वापस भेजने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई करते हुए चाराें युवकों को बांग्लादेश वापस भेजने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

HighLights

  1. पुरुलिया में चार बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में लिए गए।

  2. बिना वैध दस्तावेजों के भारत में अवैध प्रवेश किया।

  3. सभी को डिटेंशन सेंटर भेजा गया, वापसी की प्रक्रिया शुरू।

संसू, पुरुलिया। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में पुलिस ने बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करने के आरोप में चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। 
 
पुलिस के अनुसार, सभी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल चारों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
 
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 13 सितंबर की शाम करीब 4:15 बजे रघुनाथपुर थाने को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी।
 
सूचना में बताया गया कि दोपहर लगभग 12 बजे शाल्का अस्पताल रोड के आसपास एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है। 
 
स्थानीय लोगों द्वारा पूछताछ किए जाने पर उसने अपनी पहचान बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले (पंग्शा थाना क्षेत्र, हबासपुर गांव) निवासी मोहम्मद तौहीद मंडल के रूप में बताई। इसके तुरंत बाद उसे रघुनाथपुर थाने लाया गया।
 
पुलिसिया पूछताछ में तौहीद ने स्वीकार किया कि वह अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह के साथ 1 सितंबर को नदिया सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। 

तौहीद से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने पुरुलिया सदर थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लैट में त्वरित छापेमारी की।
 
इस कार्रवाई के दौरान वहां से तीन अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान जाहिद इमोन, सुमन शेख और शांतों हुसैन के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में चारों के पास से भारत में रहने से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या पासपोर्ट-वीजा नहीं पाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। 
 
संबंधित उच्च अधिकारियों और दूतावास स्तर से आवश्यक अनुमति व औपचारिकताएं पूरी होते ही उन्हें वापस बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया जाएगा।