जागरण संवाददाता, कोलकाता। उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में चुनाव बाद जारी हिंसक झड़प में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्थन में पार्टी ने सोमवार को बशीरहाट में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने जगह-जगह सड़क अवरोध व विरोध जुलूस निकाल राज्य की ममता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया। वहीं, बासंती हाई-वे पर पार्टी समर्थकों के अवरोध के कारण घंटों जाम जैसे हालात बने रहे।

उत्तर कोलकाता के बड़ाबाजार स्थित कलाकार स्ट्रीट में पार्टी नेत्री मीना देवी पुरोहित के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन किया। इसके अलावा दमदम पार्क, बांकुड़ा के रघुनाथपुर, छतना, रानीबांध, दक्षिण 24 परगना, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, नदिया, पश्चिम व पूर्व मेदिनीपुर, पुरूलिया, बीरभूम, पूर्व ब‌र्द्धमान, हावड़ा और हुगली में पार्टी समर्थकों ने विरोध जुलूस निकाल काला दिवस मनाया।

संदेशखाली में झंडा हटाने पर छिड़े विवाद में भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई है, जिसमें दो भाजपा व एक तृणमूल कार्यकर्ता शामिल है। वहीं कई लोगों के लापता की खबर है। इधर, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ा-चढ़ा कर पेश की जा रही है। असल में घटना में दो लोगों की मौत हुई है, लेकिन भाजपा वाले पांच बता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में हिंसा की राजनीति कर यहां दंगा लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये बंगाल है न कि गुजरात और मेरे रहते वो कभी भी अपने मंशे में कामयाब नहीं हो सकेंगे।

वहीं प्रदेश भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर बंगाल में हालात नहीं सुधरे तो केन्द्र को दखल देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में धारा 356 लगाने की मांग कर सकती है। आगे उन्होंने कहा कि राज्य में हालात यह है कि सरेआम भाजपा समर्थकों के घरों में बम फेंके जा रहे हैं और उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। ऐसे में बंगाल की अस्मिता खतरे में हैं। वहीं भाजपा नेता अनुपम हाजरा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस राज्य की जनता के दिल से उतर गई है। किसी को डरा धमका कर ज्यादा दिन तक रोका नहीं जा सकता है।

जांच के लिए संदेशखाली पहुंचा इंटेलीजेंस ब्यूरो का एक दल

हिंसा मामले की जांच करने सोमवार को केंद्र से इंटेलीजेंस ब्यूरो का एक दल संदेशखाली पहुंचा। छह सदस्यीय प्रतिनिधदल के सदस्यों ने पूरा इलाका घूमकर देखा और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। गौरतलब है कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार को राज्य सरकार से इसपर रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही, एडवाइजरी जारी कर उचित कार्रवाई करने को भी कहा था। दूसरी तरफ राज्य के शिक्षा मंत्री एवं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने एडवाइजरी को 'असंवैधानिक' बताते हुए गृह मंत्रालय के भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है।

चार घंटे बाद ट्रैक से हटे प्रदर्शनकारी, विलंब से चली लोकल ट्रेनें
संदेशखाली में तृणमृल और भाजपा समर्थकों के बीच संघर्ष में 2 कार्यकर्ताओं की हत्या किए जाने के विरोध में भाजपाइयों ने रेल ट्रैक जाम कर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के चलते बारासात-हासनाबाद सेक्शन में ट्रेन सेवा ठप हो गई। इसके चलते लोकल ट्रेनें बीच रास्ते घंटों रुकी रहीं। सप्ताह के पहले दिन ही ट्रेन संचालन ठप हो जाने से यात्रियों को परेशानी से जूझना पड़ा। सोमवार सुबह करीब 7 बजे सियालदह डिवीजन के भेवला हाल्ट, हरुआ रोड, हासनाबाद स्टेशनों में भाजपा कार्यकर्ता रेल पटरी पर जा पहुंचे और ट्रेनें रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने संदेशखाली की घटना के विरोध में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही, भाजपा कार्यकर्ताओं के हत्यारों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की।

विभिन्न स्टेशनों पर प्रदर्शन के चलते बीच रास्ते कई लोकल ट्रेनें खड़ी हो गई। सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी के साथ पहुंचे रेल अफसरों ने प्रदर्शनकारियों को समझा कर ट्रैक खाली करवाया। इसके बाद पूर्वाह्न करीब 11 बजे बारासात-हासनाबाद सेक्शन में ट्रेन संचालन सामान्य हो सका। प्रदर्शन के चलते 2 जोड़ी लोकल ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं। उधर, सियालदह साउथ शाखा के तालदी स्टेशन में भी भाजपाइयों ने ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। ऑफिस टाइम पर ट्रेन संचालन ठप हो जाने से यात्रियों को परेशानी से जूझना पड़ा।

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Posted By: Sachin Mishra

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