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कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, बोले शुभेंदु अधिकारी

Published: Sun, 20 Sep 2026 04:08 PM (IST)

पुरुलिया में करम पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की घोषणा की।

बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी। (फाइल फोटो।)

बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने पुरुलिया में करम पर्व पर कुड़माली भाषा की घोषणा की।

  2. कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जल्द शामिल किया जाएगा।

  3. आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के पुरुलिया में करम पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुड़मी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जल्द शामिल किया जाएगा।

रविवार को पुरुलिया के कड़ाडी मैदान में आयोजित करम पर्व समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू कर पूरी की जाएगी। इस घोषणा के बाद समारोह में मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने तालियों और जयकारों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समारोह में करीब 40 हजार महिलाओं ने झूमर नृत्य के माध्यम से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

क्या है सरकार की प्राथमिकता?

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिला था। इसी क्रम में कुड़माली भाषा को भी आठवीं अनुसूची में शामिल करने की दिशा में काम किया जाएगा।

आदिवासी समाज के लिए कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर आदिवासी समाज के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए उनकी सरकार ने आयोग का गठन पहले ही कर दिया है और आदिवासी समाज को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने कुड़मी समाज को आश्वस्त किया कि उनकी भाषा, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से देखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बंगाल में भाजपा सरकार के पहले बजट में पश्चिमांचल क्षेत्रों के विकास के लिए 1,600 करोड़ रुपये के प्रावधान की बात कहू। उन्होंने कहा कि जंगमहल के श्रमिकों को उनका उचित अधिकार दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार के समय दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की घोषणा भी की।

शुभेंदु ने कहा कि विकास के साथ जंगमहल के पहाड़, जंगल और प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आदिवासी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का भरोसा दिलाया। समारोह में कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक पीली पगड़ी और उत्तरीय पहनाकर सम्मानित किया।

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