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बंगाल 'एंटी-गुंडा बिल' लौटाए जाने का दावा खारिज, CM शुभेंदु बोले- विधेयक अभी गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन

Published: Fri, 25 Sep 2026 10:49 PM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2026 11:56 PM (IST)

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुंडा दमन विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा लौटाए जाने की खबरों का खंडन किया है। उन्होंने बताया ...और पढ़ें

बंगाल 'एंटी-गुंडा बिल' लौटाए जाने का दावा खारिज (फाइल फोटो)

बंगाल 'एंटी-गुंडा बिल' लौटाए जाने का दावा खारिज (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधेयक लौटाने की खबरों का खंडन किया।

  2. विधेयक अभी राष्ट्रपति के पास नहीं, गृह मंत्रालय में विचाराधीन है।

  3. मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह गलत व आधारहीन बताया गया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल के बहुचर्चित गुंडा दमन विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार को वापस लौटाए जाने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार रात इसका खंडन किया।

रात करीब 9:45 बजे मुख्यमंत्री ने अचानक राज्य सचिवालय नवान्न में संवाददाता सम्मेलन कर इन खबरों को पूरी तरह गलत व आधारहीन बताया। उन्होंने दावा किया कि विधेयक अभी राष्ट्रपति के पास पहुंचा ही नहीं है और केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में राष्ट्रपति द्वारा इसे लौटाए जाने का सवाल ही नहीं उठता।

इससे पहले दिन में कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि राष्ट्रपति ने बंगाल विधानसभा से जून में पारित प्रस्तावित विधेयक के एक प्रविधान का केंद्रीय मादक पदार्थ कानून (एनडीपीएस एक्ट) से संभावित टकराव सामने आने के बाद इसे पुनर्विचार के लिए लौटा दिया है।

इन खबरों के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने देर रात संवाददाता सम्मेलन कर इन खबरों को गलत बताया।

'कहानी गढ़कर पेश न करें'

शुभेंदु ने विधेयक को वापस लौटाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर नाराजगी जताते हुए दावा किया कि इस मामले में झूठी खबर फैलाई जा रही है। पत्रकारों से उन्होंने कहा कि कहानी गढ़कर पेश न करें। जाइए, डिनर कीजिए और सो जाइए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, गुंडा दमन से संबंधित विधेयक के दो हिस्से हैं। इनमें संपत्ति जब्त करने से संबंधित हिस्सा पहले ही प्रभावी हो चुका है, जबकि दूसरा हिस्सा अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है। राष्ट्रपति के पास भेजे जाने से पहले उससे संबंधित प्रक्रिया चल रही है।

शुभेंदु ने दावा किया कि यह अभी राष्ट्रपति के पास भेजा ही नहीं गया है। इसलिए वापस आने का सवाल कहां है?

दिनभर चली थी विधेयक लौटाए जाने की खबर

इससे पहले दिनभर विभिन्न रिपोर्टों में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियां नियंत्रण विधेयक, 2026’ यानी ‘गुंडा दमन विधेयक’ को राष्ट्रपति ने राज्य को वापस लौटा दिया है। इस विधेयक के एक प्रविधान में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत आने वाले मादक पदार्थ संबंधी अपराधों को भी शामिल किया गया है।

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्र की ओर से कथित तौर पर इस बात पर आपत्ति जताई गई कि इससे मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े मामलों में पहले से मौजूद केंद्रीय कानून के समानांतर व्यवस्था बन सकती है।

हालांकि, मुख्यमंत्री के शुक्रवार रात के बयान ने पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से दावा किया कि विधेयक अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय में ही विचाराधीन है। राष्ट्रपति भवन की सार्वजनिक वेबसाइट पर शुक्रवार रात उपलब्ध सामग्री में भी इस विशिष्ट विधेयक के लौटाए जाने के संबंध में कोई प्रेस विज्ञप्ति दिखाई नहीं दी।