- प्रवेश नहीं कर सकीं कुलपति

जागरण संवाददाता, कोलकाता : हिन्दू हास्टल को फिर से खोलने की मांग को लेकर प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के छात्रों से जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने गेट पर ताला लगाया दिया जिसकी वजह से सोमवार को विश्वविद्यालय की उप कुलपति के साथ साथ अन्य शिक्षकों को भी बहुत देर तक बाहर खड़ा रहना पड़ा। सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन की बैठक होनी थी पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने किसी को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद उप कुलपति, अध्यापक और विश्वविद्यालय प्रशासन समिति के सदस्यों को वापस जाना पड़ा। छात्रों का साफ कहना है कि जब तक छात्रों को रहने के लिए हिन्दू हास्टल मुहैया नहीं कराया जाएगा तब तक यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा। इधर राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने छात्रों के इस रवैये की कड़ी निंदा की। मंगलवार को विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह होने की वजह से सोमवार को विश्वविद्यालय कार्यसमिति की बैठक होनी थी लेकिन सुबह के समय ही आंदोलनरत छात्रों ने मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करने पहुंचे केसरीनाथ त्रिपाठी के सामने भी हिन्दू हास्टल की मांग कर रहे छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकला। इसीलिए सोमवार को सुबह ही छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का गेट बंद कर दिया था। जिसके कारण कुलपति व अन्य लोग अंदर नहीं जा पाए। गौरतलब है कि कुलपति ने कहा था कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह की कोई अवैध कार्य नहीं की जाएगी। छात्रों को इस तरह से प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। बता दें कि सोमवार को पेट्रोल की बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस व वाम ने राज्य में बंद का ऐलान किया था। वहीं छात्रों का कहना है कि भारत बंद से विश्वविद्यालय आंदोलन का कोई लेना देना नहीं है।

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