जागरण संवाददाता, कोलकाता : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश की युवा पीढ़ी से समाज में व्याप्त असमानता को खत्म करने का आग्रह किया है। एक हालिया आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए मुखर्जी ने कहा कि देश में व्यापक सामाजिक असमानता है और इसे युवा पीढ़ी को बदलना होगा। शनिवार को कोलकाता में भारतीय उद्योग परिसंघ के युवा विंग द्वारा आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रणब ने कहा कि 2013 और 2017 के बीच भारतीय आर्थिक स्थिति पर आधारित एक अध्ययन से पता चला है कि भारत में कुल संपत्ति का 71 फीसद हिस्सा 21 फीसद लोगों के हाथों में है जबकि शेष 79 फीसद आबादी के पास 29 फीसद धन ही है। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय तक नहीं चल सकता। मुखर्जी ने कहा कि परिवर्तन लाया जाना चाहिए और इसे युवा पीढ़ी द्वारा ही लाया जाएगा न कि मेरे अथवा किसी अन्य की ओर से। एक अन्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए और इस पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए मुखर्जी ने कहा कि कम से कम 40 विकासशील देशों में स्कूलों में केवल 13 फीसद लड़कियों का ही नामाकन हो रहा है। इसके अलावा पुरुष व महिलाओं की कुल 11 फीसद आबादी ही स्वास्थ्य देखभाल को लेकर सजग है। 185 वे देश हैं जो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य हैं और अधिकाश विश्व विकास संगठन से जुड़े हैं इसलिए कहा जा सकता है कि यह असमानता का स्तर है।

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