बंगाल: PM मोदी के जन्मदिन पर 'सेवा संकल्प अभियान' का होगा आगाज, लाभार्थियों के घर पर जलाए जाएंगे दीप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बंगाल सरकार 17 सितंबर से 10 अक्टूबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी।
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पीएम मोदी के
HighLights
कार्यक्रम 17 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेंगे।
'सेवा संकल्प अभियान' के तहत दो विशेष कार्यक्रम।
जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और जनसंपर्क बढ़ाना।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर बंगाल सरकार ने दो विशेष कार्यक्रमों की घोषणा की है। दोनों कार्यक्रम 17 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेंगे।
सरकार का उद्देश्य जनसंपर्क बढ़ाने के साथ ही लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीप’ और ‘आंगन का उत्सव’ नाम से दो विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से बताया गया है कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घर जाकर दीप जलाने का आह्वान किया जाएगा। इसे मोदी सरकार की जनसेवा और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के प्रतीक के रूप में पेश किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत बूथ स्तर पर जाकर लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
वहीं ‘आंगन का उत्सव’ के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के बीच स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में योगदान देने वाली महिलाओं, विशेषकर आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।
स्कूल-कालेजों में चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता
स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालयों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल हैं। सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच पीएम मोदी के जनसेवा कार्यों तथा ‘विकसित भारत’ की रूपरेखा को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
इसके अलावा नुक्कड़ नाटक, पदयात्रा, बाइक रैली के आयोजन के अलावा स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। विभिन्न प्रखंडों में ‘सेवा सेतु’ शिविर आयोजित कर आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराने की भी योजना है।
इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन को उपयुक्त आंगनबाड़ी केंद्र और स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से लाभार्थी माताओं और बच्चों को कार्यक्रमों में एकत्र करने को कहा गया है।
