राज्य ब्यूरो, कोलकाता। Coronavirus. दिल्ली के निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज से बंगाल पहुंचे लोगों ने अन्य राज्यों की तरह ममता सरकार की भी मुसीबत बढ़ा दी है। अब तक तब्लीगी मरकज आए 66 की शिनाख्त हो गई है और उन सभी को राजारहाट न्यूटाउन के हज हाउस में क्वारंटाइन किया गया है। इसके अलावे शुक्रवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले समेत अन्य इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर 11 और लोगों पकड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीन दिन पहले कहा था कि केंद्र ने निजामुद्दीन से आने वाले 71 लोगों की सूची मिली है। परंतु, सबसे बड़ी परेशानी यहां खड़ी हो गई है कि वे लोग वहां से 19 से 20 मार्च के बीच बंगाल पहुंचे थे। इसके बाद वे सभी कई महजबी कार्यक्रम में शिरकत किए, जहां सैकड़ों में लोग मौजूद थे। इसके बाद से राज्य सरकार की चिंता और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरकज में शामिल होने वाले सारे लोगों को चिन्हित कर लिया गया है, लेकिन चिंता की बात है कि ये लोग निजामुद्दीन से लौटने के बाद लगातार मजहबी कार्यक्रम कर रहे थे।

राज्य गृह विभाग के मुताबिक पिछले तीन दिनों में कोलकाता पोर्ट तथा मध्य कोलकाता की भी कई मस्जिदों से ऐसे आठ लोगों को चिन्हित कर क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है, जो निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इनमें बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड के लोग भी हैं। ये सारे लोग कोलकाता में मजहबी प्रचार-प्रसार के लिए आए थे और अलग-अलग मस्जिदों में घूम रहे थे।

इसी तरह आसनसोल की कई मस्जिदों से 30 लोग निजामुद्दीन के मरकज में गए थे, इन सभी को क्टाइन किया गया है। विधाननगर पुलिस के अनुसार राजारहाट के हज हाउस में कुल 215 लोग क्वारंटाइन है। इनमें वे लोग भी हैं जो निजामुद्दीन के मरकज में शामिल हुए थे और कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इनके संपर्क में आए हैं। अभी भी कई लोगों की तलाश उत्तर व दक्षिण 24, परगना जिले समेत कई और जिलों में चल रही है। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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