जागरण संवाददाता, कोलकाता : पुरानी जर्जर इमारतों में गुजर बसर को मजबूर लोगों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनकी सुरक्षा की मांग को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। जिसके जरिए वे अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के साथ ही उनसे इस दिशा में हस्तक्षेप की मांग करेंगे। लोगों की मानें तो भारी वाहनों की आवाजाही के कारण देर रात इमारतों के हिलने से वे हमेशा खौफ में रहते हैं। हाउस ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव सुकुमार रक्षित ने बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री को उक्त समस्या से अवगत कराने को पत्र लिखेंगे और पत्र की एक कॉपी राज्य के शहरी विकास मंत्री व कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम को देने की बात कही। उन्होंने कहा कि चितरंजन एवेन्यू, विवेकानंद रोड और बागबाजार इलाकों में स्थित कुछ पुरानी इमारतें रात में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण हिलती हैं। जिसके कारण इन इमारतों में रहने वाले लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। ऐसे में हम राज्य सरकार से संरचनात्मक इंजीनियरों से इन इमारतों की गहन जाच करने का अनुरोध करेंगे। वहीं विवेकानंद रोड स्थित एक पुरानी इमारत के मालिक सुप्रियो हलदार ने कहा कि रोजाना हम रात के समय डरे व सहमे रहते हैं, क्योंकि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इमारत हिलती हैं। पुरानी इमारतों के मालिकों की आशकाओं को यूं ही दरकिनार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि हाल ही में कोलकाता मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की इमारत पर भी दरारें पाई गई हैं, जो चितरंजन एवेन्यू के करीब स्थित है। इधर, शिकायत के उपरांत राज्य के लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. इंद्रनील विश्वास को पत्र लिख आश्वस्त किया कि इमारतें पूरी तरह से सुरक्षित हैं और आगे इसको लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। विभाग के इंजीनियरों ने इमारत पर पड़े दरारों का गहन अध्ययन करने के बाद उक्त रिपोर्ट पेश की है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस