राज्य ब्यूरो, कोलकता। बंगाल के हुगली जिले के एक गांव में बंद पड़े दुकान को खोलने के लिए भाजपा के एक कार्यकर्ता को स्थानीय तृणमूल नेता के समक्ष लिखित रूप से माफ़ीनामा देना पड़ा। इतना ही नहीं भाजपा करने के अपराध में गांव में खुलेआम माइक से प्रचार करके लोगों के समक्ष उसे माफी भी मांगनी पड़ी। तब जाकर उसे अपनी दुकान खोलने की अनुमति मिली। यह घटना जिले के धनियाखाली विधानसभा क्षेत्र के बेलमुडी गांव की है। यहां पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता बप्पा कर द्वारा गांव में खुलेआम माइक से प्रचार करके अपनी गलती मांगने का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो के वायरल होने से इसको लेकर राजनीति गरमा गई है।

आरोप है कि चुनाव बीतने के बाद यहां के तृणमूल नेताओं ने भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता बप्पा कर को दुकान बंद रखने का फरमान जारी किया था। गांव वालों का कहना है चुनाव बीतने के बाद से‌ डर के चलते बप्पा भी गांव छोड़कर भागा हुआ था। वहीं, अब गांव लौटने पर दोबारा दुकान खोलने के लिए स्थानीय तृणमूल नेताओं के दवाब पर बप्पा को माफ़ीनामा देना पड़ा है। माफीनामा में बप्पा ने उल्लेख किया है कि मैंने भाजपा का समर्थन करके गलती की है। इसके लिए मुझे क्षमा किया जाए। यही बात उसने गांव में माइक से प्रचार करके लोगों से कहा है।

आरोप है कि स्थानीय तृणमूल नेता सुब्रत बनर्जी के दबाव पर बप्पा ने माफ़ीनामा लिखा है, और गांव में माइक से प्रचार किया। हालांकि स्थानीय तृणमूल नेताओं ने इन आरोपों से इन्कार किया है। तृणमूल नेताओं का कहना है कि 2019 में भाजपा द्वारा हुगली लोकसभा सीट जीतने के बाद से बप्पा गांव में तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमला कराता था। रही दुकान बंद कराने की बात तो इससे पार्टी का कोई लेना- देना नहीं है। 

Edited By: Priti Jha