कोलकाता, जेएनएन। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने और भारत को 'भय के शासन' से मुक्त कराने के लिए विपक्षी दलों का अजेय गठबंधन बनाया जा सकता है। लेकिन चिदंबरम ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि आखिर गठबंधन में पीएम पद का दावेदार कौन होगा? एक साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा कि पीएम पद पर सवाल अभी जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा कि हम पहले गठबंधन बना लें और चुनाव हो जाए। फिर इस पर कुछ कहना ठीक होगा। चिदंबरम ने कहा कि सभी विपक्षी दल जिस सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर एकमत हैं, वह है कि भाजपा को हराया जाना चाहिए। इस विषय पर तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार आदि सरीखे कई राज्यों में विचारों में एकरूपता है। यह एकरूपता ही विपक्षी पार्टियों को साथ में लाएगी और राज्यवार गठबंधन बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पहली बार हम देश में जनता के बड़े वर्ग में ''डर की भावना'' देख रहे हैं। दलित डर में रहते हैं, मुस्लिम डर में रहते हैं, महिलाएं डर में रहती हैं, प्रेस डर में है। हम स्वीकार्य लोकतात्रिक अधिकारों और लोकतात्रिक पदों से दूर जा रहे हैं। यह देश के लिए खतरनाक प्रवृत्ति है। हम आजादी (अंग्रेजों से) चाहते थे क्योंकि हम बिना डर के रहना चाहते थे। और आज देश का बड़ा वर्ग डर में रह रहा है और इसे समाप्त करना होगा।

इस सवाल पर कि क्या काग्रेस विपक्ष के गठबंधन में कर्नाटक वाला मॉडल अपनाएगी जहा उसने सबसे बड़ा दल होने के बाद भी मुख्यमंत्री का पद जेडीएस को दे दिया, जवाब में पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गठबंधन का नेतृत्व काग्रेस को देने की स्थिति में तेलंगाना राष्ट्र समिति और तृणमूल काग्रेस जैसे कुछ दलों के सहज नहीं होने की खबरों के बारे में पूछने पर चिदंबरम ने कहा कि चुनाव तक इंतजार करना ठीक होगा।