कोलकाता,  राज्य ब्यूरो। लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि बंगाल चुनाव के दौरान हिंसा फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग से गुहार लगाई कि चुनाव के दौरान सुरक्षा का इंतजाम ऐसा हो कि लोग बिना डरे चुनाव में भाग ले सकें।  बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक 8 चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

 अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि  बंगाल में स्वतंत्र रूप से और निष्पक्ष चुनाव हो।”  बंगाल में चुनाव से पहले करीब-करीब हर दिन राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी ट्वीट कर कहा, “चुनाव आयोग को चुनाव की घोषणा के साथ ही बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव के लिए असामाजिक तत्वों पर भी लगाम लगानी होगी। साथ ही राज्य के हर जिले में निष्पक्ष अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाए, ताकि चुनाव में कोई गड़बड़ी न हो सके।”

 बंगाल में राजनीतिक हिंसा के आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि राज्य में दो विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति जाएगी और जरूरत पड़ने पर एक और पर्यवेक्षक नियुक्त किया जा सकता है। अधिक चरणों को लेकर एक सवाल पर अरोड़ा ने कहा कि यह फैसला सुरक्षा संबंधी आकलन के बाद किया जाता है और इसमें दूसरे फैक्टर भी होते हैं।

 पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत राज्य के 5 जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत 4 जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर 6 अप्रैल, चौथे चरण के तहत 5 जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत 6 जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत 4 जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत 5 जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत 4 जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 30 मई को पूरा हो रहा है।

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