जागरण संवाददाता, कोलकाता। Cyclone Bulbul. बंगाल की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे चक्रवात 'बुलबुल' ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की शाम से ही शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। इसका असर विमान सेवा पर भी पड़ा। चक्रवात की भयावहता व आशंका के मद्देनजर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (एनएससीबीआइ) हवाई अड्डे को 12 घंटे बंद रखने का निर्णय लिया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन की मानें तो शनिवार शाम छह बजे से अगले दिन यानी रविवार छह बजे तक हवाई अड्डा बंद रहेगा।

इस दौरान यहां से कोई विमान उड़ान नहीं भरेगा। उधर, खराब मौसम और कम रोशनी के चलते एनएससीबीआइ हवाई अड्डे से इंडिगो एयरलाइंस ने शनिवार की सुबह 11 बजे के बाद से उड़ान भरने वाली अपनी 23 उड़ानों को रद कर दिया। इसमें कोलकाता से रांची, पटना, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई और पुणे आदि को जाने वाली विमान शामिल है। वहीं, अन्य विमानों ने विलंब से उड़ान भरी।

रद विमानों की सूची

1. 6ई7715-गया

2. 6ई7268- रांची

3. 6ई6926- कोचिन

4. 6ई292-जीएयू

5. 6ई722- सूरत

6. 6ई7234-जबलपुर

7. 6ई7717- पटना

8. 6ई798- इक्सा

9. 6ई7264- रायपुर

10. 6ई291- चेन्नई

11. 6ई6314- जयपुर

12. 6ई342- भेल्लोर

13. 6ई688- पटना

14. 6ई775- बीबीआइ

15. 6ई2129- दिल्ली

16. 6ई 7719- वाराणसी

17. 6ई 862- पुणे

18. 6ई573- जीएयू

19. 6ई 716- बीएलआर

20. 6ई 961 - मुंबई

21. 6ई 2016- दिल्ली

22. 6ई 574- अहमदाबाद

23. 6ई 746- पुणे

चक्रवात बुलबुल से जनजीवन प्रभावित

बंगाल के मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली तथा हावड़ा जिलों में शनिवार को चक्रवात बुलबुल से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शुक्रवार की रात से जारी लगातार बारिश का क्रम शनिवार को पूरे दिन जारी रहा। देर शाम से बारिश के तेज होने की संभावना व्यक्त की गई। इसके फलस्वरूप तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की भी पूरी आशंका है। इसे देखते हुए पूर्व मेदिनीपुर जिले के तटीय इलाकों जैसे कांथी, दीघा, मंदारमणि और हल्दिया में कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। प्रखंड व जिला स्तर पर कंट्रोल रूम खोले गए हैं। इधर, छह जिलों में बुलबुल के चलते स्कूलों में छुट्टी दे दी गई है। कई जगहों पर लंच सेवाएं समय बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा कई विमानों को भी रद कर दिया गया है।

खराब मौसम से चुनाव प्रचार भी बाधित 

चक्रवाती तूफान बुलबुल के असर के चलते पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर सदर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव का प्रचार अभियान भी शनिवार को ठप पड़ गया। उम्मीदवार बारिश के चलते चुनाव प्रचार को निकल ही नहीं सके, वहीं टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलनों के आयोजनों को लेकर भी अनिश्चतता बनी रही। इस सम्मेलन में भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष व राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी के उपस्थित होने की बात थी, लेकिन सुबह तक आयोजनों के रद होने की संभावना व्यक्त की गई। 

गौरतलब है कि भीषण रूप धारण करते हुए चक्रवात बुलबुल के शनिवार की रात व रविवार तड़के बंगाल और बांग्लादेश के तटों से टकराने की संभावना है। इस दौरान 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेंगी। इसके मद्देनजर मौसम विभाग की ओर से बंगाल में ऑरेंज सतर्कता जारी कर दी गई है। इस इसका असर कोलकाता और आसपास के जिलों में पड़ेगा। शनिवार व रविवार के बीच कोलकाता व आसपास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी। शुक्रवार से ही चक्रवात का असर दिखने लगा है। कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में पूरे दिन काले बादल छाए रहे हैं हल्की व मध्यम बारिश होती रही।

कहा जा रहा है कि सागरद्वीप व सुंदरवन इलाके के तट से बुलबुल टकराएगा। मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक गणेश कुमार दास ने कहा कि शुक्रवार को कोलकाता से 600 किलोमीटर दूर बना गंभीर चक्रवाती तूफान बुलबुल शनिवार को और तेज होते हुए उत्तर की ओर बढ़ेगा।

तूफान से राज्य के कच्चे घरों, बिजली, संचार सेवाओं और सड़कों को नुकसान पहुंचने की शंका है। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में लोगों को घरों में रहने की सलाह दी। तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ने, फसलें बर्बाद होने और तटबंधों के नष्ट होने की भी आशंका है। चक्रवात का सर्वाधिक असर दक्षिण 24 परगना के सुंदरवन इलाकों में पड़ने का अनुमान है। दीघा, सुंदरवन और मंदारमणि आदि क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से माइकिंग के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। मछुआरों और पर्यटकों को पहले ही समुद्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

चक्रवात का प्रभाव उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा और हुगली आदि जिलों में भी पड़ेगा। उधर, चक्रवात और उससे होने वाली तबाही पर नजर रखने के लिए राज्य सचिवालय नवान्न में कंट्रोल रूम खोला गया है। आपात स्थिति में 033-22143526 पर संपर्क किया जा सकता है। तटीय इलाकों के सभी बीडीओ दफ्तर और पंचायत भवनों में कंट्रोल रूम खोला गया है।

अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार को कोलकाता से 600 किलोमीटर दूर बना गंभीर चक्रवात बुलबुल शनिवार को और तेज और भयावह होते हुए उत्तर की ओर बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए 10 नवंबर की तड़के बंगाल के सागर द्वीपसमूह और बांग्लादेश के खेपूपारा के बीच तटों से टकराने की संभावना है।

कोलकाता और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा चक्रवात 'बुलबुल' की चेतावनी के बाद शनिवार को कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, सुंदरवन, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम आदि जिलों में अधिकांश स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है।

विशेष व जरूरी कार्य नहीं होने पर लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने लोगों से भयभीत न होने की अपील की है। कहा, कोलकाता में 48 घंटे कंट्रोल रूम खुला रहेंगे। पुलिस की ओर से भी विशेष व्यवस्था की गई है। शनिवार और रविवार को आपदा प्रबंधन अधिकारियों की छुट्टियां भी रद कर दी गई है।

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Posted By: Sachin Mishra

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