कोलकाता, जेएनएन। कोलकाता में गत नौ मार्च को 1000 किलो विस्फोटक बरामद होने के मामले में कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और आरोपित को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। उसका नाम मुस्तफा शेख उर्फ बॉम मुस्तफा है। वह पश्चिम मेदिनीपुर के दांतन का रहने वाला है। गत नौ मार्च को उसके दो साथियों और 10 मार्च को तीसरे शख्स की गिरफ्तारी के बाद वह ओडिशा भाग गया था। इसके बाद एसटीएफ की टीम लगातार उसके पीछे लगी हुई थी जिसके बाद शनिवार को उसे गिरफ्तार किया जा सका है। रविवार सुबह इस बारे में एसटीएफ के उपायुक्त मुरलीधर शर्मा ने जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उसे ओडिशा से गिरफ्तार किया गया है। वहां से दो दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया है। उससे पूछताछ कर उसके और साथियों के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि 9 मार्च की रात 12.30 बजे कोलकाता में एक हजार किलो विस्फोटक के साथ दो लोगों को कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (‍एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया था। इनके नाम इंद्रजीत भुई (‍25) और पद्मलोचन डे(‍31) है। इन्हें चित्तपुर थाना अंतर्गत टाला ब्रिज के उत्तरी छोर पर 10 नंबर बीटी रोड के पास से गिरफ्तार किया गया। टाला ब्रिज के पास एक संदिग्ध टाटा 407 मेटाडोर गाड़ी को एसटीएफ की टीम ने चारों तरफ से घेर लिया।

गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक के 27 बैग में भरकर रखे गए 1000 किलो पोटैशियम नाइट्रेट नाम का विस्फोटक बरामद किया गया। इसके तुरंत बाद इसके चालक और खलासी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुरलीधर शर्मा ने बताया कि इनमें से चालक इंद्रजीत भुई ओडिशा राज्य के बालासोर जिला अंतर्गत बस्ता थाना क्षेत्र के मेलक गांव का रहने वाला है जबकि पद्मलोचन नाम का खलासी भी इसी थाना क्षेत्र के मथानी गांव का रहने वाला है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये लोग ओडिशा से विस्फोटक को लेकर उत्तर 24 परगना की ओर जा रहे थे। विस्फोटक को उत्तर 24 परगना में रबीउल के पटाखा कारखाने तक ले जाया जा रहा था।

गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही थी जिसके बाद मुस्तफा शेख के बारे में जानकारी मिली थी। इस मामले में 10 मार्च को भी एसटीएफ की टीम ने पूर्व मेदिनीपुर जिले से रबीउल इस्लाम (‍35) नाम के एक और शख्स को गिरफ्तार किया था। वह उत्तर 24 परगना के मल्लिकापुर का रहने वाला है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला था कि मल्लिकापुर में उसका पटाखा कारखाना है और गैरकानूनी तरीके से ओडिशा से विस्फोटक मंगा कर वह बम आदि बनाता था। रबीउल और ओडिशा से विस्फोटक तस्करों के बीच एक बिचौलिया भी था। 

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Posted By: Sachin Mishra

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