राज्य ब्यूरो, कोलकता । कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए हुगली जिले के उत्तरपाड़ा थाना की पुलिस ने बुजुर्ग माता- पिता पर अत्याचार करने वाले बेटे- बहू को आखिरकार घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उत्तरपाड़ा थाना क्षेत्र के भवानी सरणी इलाके के रहने वाले बुजुर्ग दंपती प्रताप मुखोपाध्याय एवं उनकी पत्नी अंजली मुखोपाध्याय अपने बेटे एवं बहू द्वारा किए जा रहे अत्याचार से तंग आकर बीते दिनों हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद उनकी याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने पुलिस को प्रताप मुखोपाध्याय के बेटे एवं बहू को घर से बाहर निकालने का निर्देश दिया था।

इसके बाद कोर्ट के आदेश पालन करते हुए सोमवार को पुलिस ने पीड़ित दंपती के बेटे सुशांत एवं बहू पम्पा मुखोपाध्याय को घर से बाहर निकाल दिया। प्रताप मुखोपाध्याय का आरोप है कि उनका बेटा एवं बहू उन्हें एवं उनकी पत्नी को एक कमरे में बंद करके काफी दिनों से मानसिक रूप से अत्याचार कर रहे थे। पहले वे इस समस्या के समाधान के लिए उत्तरपाड़ा थाने गए थे।

पुलिस अधिकारियों ने बातचीत के जरिए मसले का हल करने की कोशिश की थी। लेकिन बेटे व बहू के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। अंत में उन्होंने 21 जून 2021 बेटे-बहू के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में पिटीशन दाखिल किया था। प्रताप मुखोपाध्याय का कहना है वर्ष 2013 से ही बेटा सुशांत एवं बहू पम्पा उन पर तथा उनकी पत्नी पर मानसिक रूप से अत्याचार कर रहे थे। बताया गया कि कोर्ट ने प्रताप मुखोपाध्याय की मर्जी के बीना दोनों के घर में प्रवेश करने पर रोक लगाई है। 

Edited By: Priti Jha