कोलकाता, [राज्य ब्यूरो]। मुकुल राय के तृणमूल कांग्रेस के सांसद पद से इस्तीफा देने के बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डैमेज कंट्रोल मे जुट गई है। इसके तहत पार्टी को सांगठनिक स्तर पर नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति बनाई गई है।

सूत्रो के मुताबिक मुकुल ने दावा किया है कि राज्य के 77 हजार बूथो पर उनकी पकड़ है। अभी सीधे भाजपा मे जाने की बात मुकुल नहीं कही है, लेकिन जिस तरह उन्होने उसकी प्रशंसा की है उससे साफ है कि वह भाजपा के हित मे काम करेगे और तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ममता ने तृणमूल कांग्रेस को किसी तरह की क्षति नही होने देने की रणनीति बनाने के लिए 27 अक्टूबर को तृणमूल कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक बुलाई है।

पार्टी सूत्रो के मुताबिक कालीपूजा के बाद तृणमूल कांग्रेस की बैठक तय थी। इसलिए कि मुकुल ने दुर्गापूजा के बाद सांसद पद से इस्तीफा देने का पहले ही संकेत दिया था। इसे ध्यान मे रखते हुए तृणमूल कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई थी। पहले कोर कमेटी की बैठक मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित निवास पर ही होती थी, लेकिन इस बार तृणमूल कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक नजरूल मंच मे बुलाई गई है। ममता ने ग्राम पंचायत के सदस्य से लेकर पार्षद और विधायक तथा मंत्री से लेकर सांसद तक सभी को बैठक मे उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

बैठक मे ममता पार्टी की सांगठनिक स्थिति मजबूत करने की नई रणनीति बनाएगी। अपने विश्वास पात्र नेताओं को वह कुछ जिम्मेदारियां भी दे सकती हैं। पंचायत चुनाव मे ग्राम बांग्ला पर कब्जा बरकरार रखने के लिए ममता अभी से ही तैयारी शुरू करने का निर्देश पहले दे चुकी है। अगले साल के शुरू मे ही राज्य मे पंचायत चुनाव होगा जिसमे भाजपा भी सभी सीटो पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी मे है। पंचायत चुनाव मे भाजपा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुकुल की मदद ले सकती है। यह ममता के लिए एक बड़ी चुनौती है।

Posted By: Preeti jha

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