कोलकाता, राज्य ब्यूरो। लंबे समय के बाद मुकुल राय ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के भवन में कदम रखा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई का राजनीतिक फायदा कोई और नहीं उठा सकता। अगर पार्टी कहती है तो मैं प्रचार में उतर जाऊंगा। एक शब्द में मुकुल राय ने केंद्रीय एजेंसी का नाम लिए बिना भाजपा पर निशाना साधा।

मुकुल राय ने तृणमूल कांग्रेस भवन में कदम रखते हुए कहा कि मैं अभी मरा नहीं हूं। मैं जिंदा हूं। फिर सवाल उठ रहा है कि क्या मुकुल फिर से राजनीति में सक्रिय होने वाले हैं, जिसकी अटकलें लगाई जा रही हैं। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष ने मुकुल राय को भाजपा विधायक घोषित किया है, लेकिन उन्होंने तृणमूल खेमे से संबंधित होने का दावा किया है। 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुकुल राय ने कृष्णानगर उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। लेकिन 11 जून को मुकुल तृणमूल भवन गए और सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए। इसके बाद से भाजपा मुकुल राय को विधायक पद से बर्खास्त करने की मांग कर रही है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुकुल राय के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा उनके विधायक पद को खारिज करने की मांग को लेकर कभी स्पीकर, कभी अदालत पहुंची। लेकिन स्पीकर ने उस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि मुकुल राय के तृणमूल में शामिल होने का कोई सबूत नहीं है। वह अभी भी भाजपा में हैं। इसलिए वह भाजपा विधायक हैं। हालांकि राष्ट्रपति चुनाव के दिन मुकुल राय ने स्पष्ट किया कि वह भाजपा के विधायक नहीं हैं। उन्होंने तृणमूल उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को वोट दिया। वहीं कृष्णानगर के विधायक मुकुल राय ने लोक लेखा समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि माना जा रहा है कि मुकुल ने शारीरिक बीमारी के कारण इस्तीफा दे दिया है।

Edited By: Sumita Jaiswal

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