राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल में गणतंत्र दिवस पर रेड रोड पर कड़ी सुरक्षा और कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए गणतंत्र दिवस परेड और समारोह का आयोजन किया गया। बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर सीएम ममता बनर्जी, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे। राज्यपाल ने परेड की सलामी ली।

आजाद हिंद फौज के योगदान से जुड़ी बंगाल की झांकी परेड का मुख्य आकर्षण

इस परेड का मुख्य आकर्षण नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वीं जयंती वर्ष पर उनके और आजाद हिंद फौज के योगदान से जुड़ी बंगाल की झांकी रही, जिसे दिल्ली की परेड में शामिल नहीं किया गया था। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी, रेड रोड पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी

कोरोना महामारी के कारण रेड पर गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम मात्र 30 मिनट का हुआ और इसमें दर्शकों के प्रवेश पर रोक थी। समारोह के आरंभ के पहले ममता बनर्जी पहुंची और रेड रोड पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

राज्यपाल भी पहुंचें और सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात कर अभिवान किया

उसके बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी पहुंचें और उन्होंने सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। उसके बाद तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर बाऊल नृत्य और संगीत का आयोजन किया गया। इसके साथ ही झांकी का सबसे आकर्षण नेता सुभाष चंद्र बोस की झांकी थी।

सुभाष चंद्र बोस और उनकी 125वीं जयंती पर उनके योगदान को याद करना रहा

झांकी का विषय नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके आइएनए की 125वीं जयंती पर उनके योगदान को याद करना था। महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को याद करते हुए उनके चित्रों को झांकी में शामिल किया गया था। बंगाल की झांकी को केंद्र की तरफ से अस्वीकार कर दिया गया था।

नेताजी को लेकर बनाई गई झांकी 52 फीट लंबी, 11 फीट चौड़ी, 18 फीट ऊंची थी

इस पर बंगाल की सीएम ने कहा था कि इसका बहिष्कार इन स्वतंत्रता सेनानियों के महत्व को कम आंकने के बराबर है। बंगाल सरकार की ओर से नेताजी को लेकर बनाई गई झांकी 52 फीट लंबी, 11 फीट चौड़ी, 18 फीट ऊंची थी। इसे लेकर लोगों में काफी आकर्षण था।

Edited By: Vijay Kumar