जासं, कोलकाता। नेताजी सुभाष जन कल्याण मंच की ओर से तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकाप्टर दुर्घटना में मारे गए देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत समेत 13 सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंच के तत्वावधान में हावड़ा के नंदीग्राम बस स्टैंड के पास रविवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्होंने नम आंखों से शहीद सैन्य अधिकारियों की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर व मोमबत्ती जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन मंच के अध्यक्ष अभय कुमार झा के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत एक उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी के रूप में सदैव स्मरण किए जाएंगे और उनका असामयिक निधन राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उपस्थित सदस्यों ने भगवान से प्रार्थना की कि सीडीएस जनरल रावत व सभी बलिदानी आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। इस अवसर पर पत्रकार आनंद पांडेय और शिक्षक अशोक सोनकर ने पुष्प अर्पित कर सीडीएस रावत की वीरता एवं पराक्रम के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष अभय कुमार झा ने कहा कि रावत जी चार दशकों से अधिक समय तक मातृभूमि की निस्वार्थ सेवा की और वे असाधारण वीरता के प्रतीक थे। उनका आकस्मिक निधन राष्ट्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वहीं, महासचिव संजीव झा ने कहा की रावत जी उत्कृष्ट सैनिक थे एवं भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में उन्होंने बड़ा योगदान दिया। इस कार्यक्रम में मनोज जायसवाल, सारंगी जायसवाल, टुसी दास, पारस नाथ शुक्ला, रोहित साव, कपिल शुक्ला सहित अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत सीडीएस रावत के योगदान पर प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि सीडीएस जनरल रावत, उनकी पत्नी, रावत के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर एलएस लिडर समेत 13 लोगों की आठ दिसंबर को तमिलनाडु के कन्नूर के निकट हुई भयावह हेलीकाप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में एकमात्र जीवित व्यक्ति ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह हैं, जिनका इलाज चल रहा है। 

Edited By: Priti Jha